
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और सांसद राहुल गांधी को आज गुजरात हाईकोर्ट ने जोर का झटका दिया है। कोर्ट ने उनकी उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने मोदी सरनेम विवाद में आए सूरत सेशन कोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी। लेकिन हम यहां बात उस फैसले कि नहीं करेंगे। हम बात उस नेता कि करेंगे, जिनके वजह से राहुल गांधी को अपनी सांसदी गंवानी पड़ी थी। राहुल गांधी के खिलाफ केस करने वाले वो नेता है पूर्णेश मोदी। जो कि गुजरात विधानसभा के विधायक है।
कौन हैं पूर्णेश मोदी?
भारतीय जनता पार्टी के नेता और सूरत पश्चिम सीट से विधायक पूर्णेश मोदी का पूरा नाम पूर्णेश कुमार ईश्वरलाल मोदी है। उन्होंने 1992 में सर चौवाशी लॉ कॉलेज से एलएलबी की डिग्री हासिल की। भाजपा विधायक 1.73 करोड़ रुपये के मालिक हैं। उनके नाम 35 लाख से ज्यादा का कर्ज भी है। फिलहाल उनका पेशा वकालत है।
कार्यकर्ता से लेकर भूपेश सरकार में मंत्री तक का सफर
पूर्णेश मोदी ने अपनी राजनीति की शुरुआत भारतीय जनता पार्टी से की। वह 2009-12 और 2013-16 में सूरत नगर बीजेपी के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। पार्टी ने उन्हें पहली बार टिकट तब दिया जब 2013 में भाजपा के तत्कालीन विधायक किशोर भाई वांकावाला का निधन हो गया था।
इसके बाद पार्टी ने उन्हें वहां से उपचुनाव में प्रत्याशी बनाया और मोदी पहली बार विधायक बनने में कामयाब रहें। वहीं, एक बार चुनाव जीतने के बाद वह कभी नहीं हारे और अब तक 3 बार विधायक बन चुके हैं। वहीं, सितंबर 2021 में भूपेंद्र पटेल की सरकार में सड़क और भवन मंत्री भी बनाया गया था। लेकिन 11 महीने बाद ही मंत्रालय के कामकाज में शिकायत आने के बाद उनसे मंत्री पद वापस ले लिया गया।
राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज कराने के बाद चर्चा में आए
2019 लोकसभा चुनाव के लिए कर्नाटक के कोलार में एक रैली में राहुल गांधी ने कहा था, कैसे सभी चोरों का उपनाम मोदी है? इसी को लेकर पूर्णेश मोदी ने राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज कराया था। उनका आरोप था कि राहुल ने अपनी इस टिप्पणी से समूचे मोदी समुदाय की मानहानि की है। राहुल के खिलाफ आईपीसी की धारा 499 और 500 (मानहानि) के तहत मामला दर्ज किया गया था। वहीं, आज राहुल गांधी के खिलाफ आए फैसले पर उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को इतिहास से सबक लेने की जरूरत है।
Published on:
07 Jul 2023 03:24 pm

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