3 फ़रवरी 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

RMC के अध्‍यक्ष हसन रिजवी ने कहा- मुस्लिम पक्ष अयोध्‍या मसले पर पुनर्विचार याचिका दायर के मुद्दे पर गंभीरता से विचार करे

याचिका दायर करने पर गलत संदेश जाएगा मुस्लिम पक्षकार पुनर्विचार याचिका को लेकर गंभीरता से विचार करें सभी ने अदालत के फैसले को स्‍वीकार करने की बात कही थी

less than 1 minute read
Google source verification
hasan_rizvi.jpg

नई दिल्‍ली। राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष हसन रिजवी ने मुस्लिम पक्ष को अयोध्या मामले में पुनर्विचार याचिका दायर करने से बचने की सलाह दी है। रिजवी ने कहा कि अगर मुस्लिम पक्ष पुनर्विचार याचिका दायर करेगा तो लोगों में ये दूरगामी संदेश जाएगा कि मुसलमान एक महत्वपूर्ण हिंदू मंदिर बनने के रास्ते में रोड़ा अटका रहे हैं।

ऐसी धारणा न बने इसके लिए मुस्लिम पक्षकारों को सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर गंभीरता से चिंतन करने की जरूरत है।

अल्‍पसंख्‍यक आयोग के अध्‍यक्ष हसन रिजवी के मुताबिक़ ये समझना जरूरी है कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने से पहले पूरे देश के हिंदुओं, मुसलमानों और यहां तक कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने कहा था कि अदालत का फैसला चाहे जो वो उसका सम्मान करेंगे।

हसन रिजवी ने कहा कि भारतीय मुसलमानों ने कभी ये नहीं कहा कि वो सुप्रीम कोर्ट का फैसला तभी कबूलेंगे जब वो उनके पक्ष में होगा। इसलिए अगर अब वो पुनर्विचार याचिका दायर करेंगे तो ऐसा लगेगा कि वो जानबूझकर हिंदुओं के सबसे पूज्य देवता राम का मंदिर बनने में अड़चन पैदा करना चाहते हैं।

हसन रिजवी ने ये भी कहा कि मुसलमानों को मस्जिद बनाने के लिए पाँच एकड़ ज़मीन को ठुकराने के बजाय उसे स्वीकार करके देश मे सांप्रदायिक सद्भावना का संदेश देना चाहिए।

Story Loader