इतिहासकार ह्यू तोये के मुताबिक, बोस चाहते थे कि उनकी आजाद हिंद सरकार को जापानी सोल्जर्स की कम से कम मदद लेनी पड़े। इसके चलते उन्होंने जापानियों द्वारा जीती गई ब्रिटिश कॉलोनीज में रह रहे 20 लाख भारतीयों की मदद ली। महिलाओं ने आईएनए को अपनी ज्वैलरी डोनेट कर दी। 21 अगस्त, 1944 को रंगून में पब्लिकली पैसा इकट्ठा करने के प्रोग्राम में हीराबेन बेतानी नामक महिला ने अपने 13 नेकलेस दान कर दिए। इनकी कीमत उस समय 1.5 लाख थी।