
नई दिल्ली. यूपीए की चेयरपर्सन और कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सभी कांग्रेसी कार्यकर्ताओं से कहा है कि वह समय से पहले लोकसभा चुनाव के लिए तैयार रहें। उन्होंने कहा कि आगामी एक वर्ष के अंदर कई राज्यों के चुनाव होने हैं। केन्द्र सरकार के रुख से साफ है कि लोकसभा चुनाव निर्धारित समय से पहले भी हो सकता है। ठीक उसी तरह जिस तरह 2004 में समय से पहले चुनाव कराया गया था। उन्होंने कहा कि 2014 की हार हमारे लिए एक करारी हार थी। हमें मोदी सरकार की कमियों पर कम बल्कि अपनी रणनीति पर काम करते हुए लोगों को पार्टी से जोड़ने काम करना होगा। इससे पहले कांग्रेस संसदीय समूह की बैठक में उन्होंने मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने बजट, अर्थव्यवस्था, रोजगार समेत हर मुद्दे पर मोदी सरकार की आलोचना की। सरकार जो आर्थिक उपलब्धियां गिना रही हैं वो जमीन पर नहीं दिखाई देतीं। किसानों की हालत देश में खराब है और किसान आत्महत्या करने के लिए मजबूर हैं।
राहुल गांधी को बताया खुद का बॉस
उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को पार्टी अध्यक्ष होने के नाते खुद का भी बॉस बताया। राहुल का पार्टी अध्यक्ष बनने के बाद उनकी तरफ से इस तरह का पहला बयान आया है। इससे साफ हो गया है कि राहुल ही अब पार्टी के सर्वेसर्वा हो गए हैं। उन्होंने उम्मीद जताई है कि जिस तरह पार्टी कार्यकर्ताओं ने मेरे अध्यक्ष रहते काम किया, वैसे ही राहुल की अध्यक्षता में काम करेंगे। सोनिया ने कहा कि हमने गुजरात चुनाव और राजस्थान उप नाव में काफी शानदार प्रदर्शन किया है और आने वाले कर्नाटक चुनावों में भी पार्टी शानदार प्रदर्शन करेगी।
4 दिन पहले आजाद ने दिया था संकेत
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने भी चार दिन पहले कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अपील की थी कि नवंबर, 2018 में लोकसभा चुनाव के लिए तैयार रहें। उन्होंने कहा था कि भाजपा की तरफ से जो संकेत मिल रहे हैं उसको देखते हुए ऐसा लगा रहा है कि इस वर्ष के अंत तक लोकसभा चुनाव कराए का निर्णय सरकार ले सकती है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से चर्चा करते हुए कहा कि 90 प्रतिशत संभावना है कि लोकसभा चुनाव इस साल के नवंबर तक हो जाएं। बतौर कार्यकर्ता आप सब ने अपनी जिंदगी के कई साल पार्टी के लिए समर्पित कर दिए। अब एक बार फिर से वक्त आ चुका है कि अपना पूरा फोकस और एनर्जी उस सपने को पूरा करने में लगा देा।
राष्ट्रपति के भाषण में था जिक्र
समय से पहले देश में एक साथ चुनाव कराने की सुगबुगाहट तब तेज हुई जब रामनाथ कोविंद ने बजट सत्र से पहले अपने अभिभाषण में इसका जिक्र किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तो पहले ही वन नेशन, वन इलेक्शन की पैरवी करते रहे हैं। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि देश में बिना किसी राजनीतिक उठापटक के लोकसभा चुनाव अपने तय समय से पहले कराए जा सकते हैं।
Published on:
08 Feb 2018 12:36 pm
बड़ी खबरें
View Allराजनीति
ट्रेंडिंग
