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DMK के नए अध्यक्ष स्टालिन ने 8 सितंबर को बुलाई महा-बैठक, इन मुद्दों पर होगी चर्चा

गौरतलब है कि 28 अगस्त को द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) के अध्यक्ष के रूप में करुणानिधि के पुत्र एम. के. स्टालिन निर्विरोध चुन लिए गए।

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STALIN

DMK के नए अध्यक्ष स्टालिन ने 8 सितंबर को बुलाई महा-बैठक, इन मुद्दों पर होगी चर्चा

चेन्नई: द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम के नए अध्यक्ष एम के स्टालिन आगामी चुनावों की रणनीति पर चर्चा के लिए 8 सितंबर को बैठक करने जा रहे हैं। बैठक अपने बड़े भाई एम् के अलगिरि के पार्टी में शामिल करने पर फिर से चर्चा करेंगे। वरिष्ठ डीएमके सदस्यों के मुताबिक, स्टालिन अगामी बैठक में उन सभी जिला सचिवों से मुलाकात करने वाले हैं, जो अभी तक चर्चा में नहीं आए हैं क्योंकि वे मीडिया से बात करने के लिए अधिकृत नहीं थे। द्रमुक के वरिष्ठ नेताओं के अनुसार स्टालिन इस बैठक में 65 जिला सचिवों से वन टू वन मुलाकात करेंगे और पार्टी की वर्तमान स्थिति पर चर्चा करेंगे। साथ ही पार्टी में नए सिरे से जान फूंकने की रणनीति पर विस्तार से बात करेंगे। नेताओं के मुताबिक पदाधिकारियों को पार्टी के लिए धन जुटाने के लिए प्रोत्साहित करने पर भी चर्चा की जाएगी।

अलागिरी 5 सितंबर को करेंगे प्रदर्शन

गौरतलब है कि 28 अगस्त को द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) के अध्यक्ष के रूप में करुणानिधि के पुत्र एम. के. स्टालिन निर्विरोध चुन लिए गए। वे पार्टी के दूसरे अध्यक्ष बने हैं। इससे पहले पांच दशक तक यह पद करुणानिधि के पास था जिनका गत 7 अगस्त को निधन हो गया। करुणानिधि के निधन के बाद उनके बड़े बेटे एम. के. अझगिरी ने बगावती तेवर दिखे हैं । अलागिरी 5 सितम्बर को एक बैठक करने वाले हैं। इस रैली को डीएमके के लिए खतरे की घंटी बताई जा रही है। द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) से निष्कासित नेता एमके अलागिरी ने कहा कि वह चेन्नई में पांच सितम्बर को प्रस्तावित रैली के लिए आगे बढ़ेंगे। एक सवाल के जवाब में अलागिरी ने कहा, ‘मैं थलैवर (एम करूणानिधि) का पुत्र हूं, इसलिए मैं वहीं करूंगा जो मैंने कहा है।’

पार्टी से निष्कासित हैं आलागिरी

गौरतलब है कि पार्टी में वर्चस्व की लड़ाई को लेकर एम के स्टालिन के साथ हुए विवाद के बाद करूणानिधि ने अलागिरी और उनके समर्थकों को 2014 में पार्टी से निष्कासित कर दिया था। करूणानिधि के निधन के बाद बड़े बेटे और पूर्व केंद्रीय मंत्री एमके अझगिरी ने गुरुवार को कहा कि अगर उन्हें डीएमके में फिर से वापस ले लिया जाए तो वे अपने छोटे भाई और डीएमके अध्यक्ष एम.के. स्टालिन को नेता के रूप में स्वीकार कर लेंगे।