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सूरत अग्निकांडः सीएम ने सचिव से मांगी रिपोर्ट, दो गिरफ्तार- दो अधिकारी निलंबित

सूरत भीषण अग्निकांड में बड़ी कार्रवाई कोचिंग मालिक को पुलिस ने किया गिरफ्तार अवैध रूप से चलाया जा रहा था कोचिंग

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सूरत अग्निकांडः हरकत आए पुलिस और प्रशासन, मामले में कोचिंग का मालिक हुआ गिरफ्तार

नई दिल्ली। गुजरात के सूरत में भीषण अग्निकांड को मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। साथ ही उन्होंने कहा है कि इस मामले में जांच के आदेश दे दिए हैं और सचिव से रिपोर्ट भी मांगी गई है। जबकि मैनेजर और बिल्डर को गिरफ्तार कर लिया गया है।

आपको बता दें कि पुलिस ने कोचिंग के मालिक भार्गव भूटानी को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही दो फायर ऑफिसर भी निलंबित कर दिए गए हैं। डिप्टी चीफ फायर ऑफिसर एसके आचार्य और कीर्ति मोध को लापरवाही के चलते निलंबित किया गया है।बताया जा रहा है कि इसके बाद पुलिस का अगला टारगेट इमारत के अंदर अवैध निर्माण करने वाले हर्सुल वेकारिया और जिग्नेश बागदरा है, जिन्हें भी जल्द गिरफ्तार किया जा सकता है।

आपको बता दें कि इस भीषण अग्निकांड में अब तक 20 मौत हो चुकी हैं जिनमें 16 युवतियां शामिल हैं, जबकि 20 से ज्यादा घायल हैं जिनमें कुछ की हालत नाजुक है।

सभी ट्यूशन क्लास बंद
अग्निकांड के बाद हरकत में आई पुलिस ने फिलहाल सभी ट्यूशन क्लास को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया है। फायर सेफ्टी प्रमाण पत्र लेने के बाद ही इन कोचिंग क्लासेस को खोलने की अनुमति दी जाएगी। सूरत के पुलिस कमिश्नर सतीश शर्मा ने बताया कि पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे कानून का पालन करें और शांति बनाए रखें। गुजरात सरकार ने अहमदाबाद, सूरत, राजकोट, वड़ोदरा के सभी कोचिंग सेंटर्स को फायर सेफ्टी ऑडिट पूरा होने तक बंद रखने का आदेश दिया है।

इन क्लासों को भी किया बंद
हादसे के बाद अहमदाबाद पुलिस ने न सिर्फ ट्यूशन क्लास को बल्कि इसके साथ ही जिले में चल रहीं सभी डांस क्लासों और समर कैंप्स को ऐहतियातन बंद करने का आदेश दिया। दरअसल गर्मियों की छुट्टी के चलते प्रदेशभर में ऐसी कई क्लासें चल रही हैं जिनमें फायर सेफ्टी का ध्यान नहीं रखा गया है।

फायर ऑफिसर को हटाया
सूरत के नगर आयुक्त एम थेन्नर्सन ने वरच्छा के फायर अधिकारी को इस घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि फायर ऑफिसर इमारत में सुरक्षा मानकों का आंकलन ठीक से नहीं कर सके। अगर वो ठीक तरह से मानकों के आधार पर आंकलन करते तो इस बड़े हादसे को रोका जा सकता था। फायर अधिकारी की इसी लापरवाही के चलते उन्हें निलंबित करने का फैसला लिया गया है।

आपको बता दें कि शुक्रवार को तक्षशिला कॉम्प्लेक्स की दूसरी मंजिल पर स्थित एक कोचिंग सेंटर में भीषण आग लग जाने से अफरातफरी मच गई। इस दौरान आग और धुएं से बचने के लिए कुछ छात्रों ने तीसरी और चौथी मंजिल से कूदकर जान बचाई।