नई दिल्ली। दक्षिण की राजनीति के पितामह के रूप में अपनी पहचान बना चुके एम करुणानिधि अब हमारे बीच नहीं रहे। करुणानिधि के निधन के साथ ही उनके उत्तराधिकारी को लेकर कयास लगने शुरू हो गए हैं। वहीं दक्षिण की राजनीति में एक साल पहले एआईएडीएमके प्रमुख जयललिता ने दुनिया को अलविदा कह दिया। साउथ के इन दो दिग्गज नेताओं को उनके समर्थकों ने भगवान का दर्जा दिया था। राजनीति के प्रमुख स्तंभों के बाद अब दक्षिण की सियासत का भविष्य एक नई करवट लेगा। भविष्य में करुणानिधि और जयललिता का कौन बन सकता है चेहरा, जनता किसको देगी अपने सबसे प्रिय नेताओं के बराबर का दर्जा आइए डालते हैं एक नजर...