प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज हैदराबाद के दौरे पर पहुंचे। लेकिन उनके हैदराबाद पहुंचने से पहले ही तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव कर्नाटक चले गए। अपने राज्य में पहुंचे पीएम की अगवानी करने की बजाए केसीआर ने बेंगलुरु में पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा से मुलाकात की।
इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस के 20वें वार्षिक समारोह में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज हैदराबाद पहुंचे। लेकिन उनके हैदराबाद पहुंचने से पहले ही तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव कर्नाटक चले गए। कर्नाटक में केसीआर ने पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा से मुलाकात की। मतलब यह हुआ कि देश के प्रधानमंत्री में जिस राज्य में गए, उसी राज्य के मुख्यमंत्री पीएम की अगवानी करने के बदले दूसरे राज्य में पहुंचकर पूर्व प्रधानमंत्री से मुलाकात की। पीएम मोदी के दौरे के बीच केसीआर के इस काम को लेकर उनपर निशाना साधा जा रहा है। कई लोग यह भी कह रहे हैं कि पीएम मोदी के हैदराबाद पहुंचने से पहले केसीआर मैदान छोड़ भाग जाते हैं।
पीएम के साथ मुलाकात से बचने के लिए बीजेपी के प्रदेश नेतृत्व ने केसीआर को आड़े हाथों लिया है। राज्य भाजपा प्रमुख बंदी संजय कुमार ने आरोप लगाया कि टीआरएस प्रमुख प्रधानमंत्री का सामना करने से बचने के लिए राज्य से भाग रहे हैं। हालांकि टीआरएस नेताओं ने भाजपा के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने दावा किया कि केसीआर की बैंगलोर यात्रा पहले से ही निर्धारित थी।
बता दें कि इससे पहले भी मोदी के हैदराबाद पहुंचने पर केसीआर ने उनसे मुलाकात नहीं की थी। जिसको लेकर बीजेपी ने तब भी हमला बोला था। केसीआर ने 5 फरवरी को हैदराबाद पहुंचने पर मोदी की अगवानी नहीं की थी और उन दो कार्यक्रमों में भी शामिल नहीं हुए थे जिनमें प्रधानमंत्री शामिल हुए थे। दिन भर की यात्रा के दौरान पीएम ने संत रामानुजाचार्य की प्रतिमा का अनावरण किया और आईसीआरआईएसएटी की 50वीं वर्षगांठ समारोह का उद्घाटन किया।
ऐसे में यह चार महीने से भी कम समय में दूसरी बार ऐसा हुआ कि केसीआर ने प्रधानमंत्री मोदी के हैदराबाद आगमन पर उनका अभिवादन करने से परहेज किया। हालांकि पहली बार मुख्यमंत्री ने बाद में स्पष्ट किया कि उनके परिवार के कुछ सदस्यों में कोविड जैसे लक्षण पाए गए थे। इस कारण पीएम मोदी के कार्यक्रम में शामिल नहीं हुई। लेकिन जानकार बताते हैं कि केसीआर इस समय देश की राजनीति में एक तीसरे गुट की संभावना को तलाश रहे हैं। इसलिए वो गैर-भाजपा और गैर कांग्रेस के दलों के नेताओं के साथ लगातार मुलाकात कर रहे है। हाल ही में उन्होंने अरविंद केजरीवाल से भी मुलाकात की थी।