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तीन तलाक: विपक्षी एकता को धूल चटाने अध्‍यादेश ला सकती है मोदी सरकार

संसद के शीतकालीन सत्र में कांग्रेस सहित अन्‍य विपक्षी दलों ने राज्‍यसभा में तीन तलाक बिल को पास नहीं होने दिया था।
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Dhirendra Kumar Mishra

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May 03, 2018

tripple talaq

नई दिल्‍ली। शीतकालीन सत्र में कांग्रेस सहित सभी विपक्षी पार्टियों द्वारा तीन तलाक बिल को राज्‍यसभा में लटकाने के बाद केंद्र सरकार मास्‍टस्‍ट्रोक की तैयारी में जुटी है। बताया जा रहा है कि तीन तलाक बिल को लेकर मोदी सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक से आजादी दिलाना सरकार की प्राथमिकता में सबसे ऊपर है। मास्टरस्ट्रोक के तहत सरकार अध्‍यादेश के जरिए इसे लागू करना चाहती है। लेकिन यह अभी तय नहीं है कि सरकार अध्‍यादेश कब लाएगी। इसके लिए सरकार सही मौके की तलाश में है। बुधवार को ही केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस मसले पर विचार होना था, लेकिन किसी कारणवश टल गया।

तीन तलाक प्रतिष्‍ठा की बात
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुरूप केंद्र सरकार ने बिल तैयार कर उसे लोकसभा में पास करा लिया है। राज्यसभा में कांग्रेस और विपक्षी दलों के यू टर्न लेने से बिल अधर में लटका हुआ है। ऐसे में मोदी सरकार अध्‍यादेश लाकर मास्टरस्ट्रोक की तैयारी में है। बताया जा रहा था कि सरकार की इस रणनीति से विपक्षी दलों की एका नहीं चलेगी और जल्द ही बिल को कानूनी अमलीजामा पहनाना संभव हो जाएगा। दूसरी तरफ मोदी सरकार के तीन तलाक के खिलाफ तेवर सख्त हैं और इसे अपनी प्रतिष्ठा का सवाल मानकर चल रही है।

गैर जमानती अपराध
आपको बता दें कि तीन तलाक विधेयक लोकसभा से पारित हो चुका है। यह राज्यसभा में लंबित है। राज्‍यसभा में इस विधेयक पर समर्थन नहीं मिलने के बाद मोदी सरकार ने अध्यादेश लाने की तैयारी में है। अध्यादेश में वही प्रावधान होंगे जो कि प्रस्तावित कानून और लोकसभा से पास हो चुके विधेयक में हैं। तीन तलाक गैर जमानती अपराध होगा और उसमें दोषी को तीन साल तक के कारावास की सजा हो सकेगी। इसके अलावा तीन तलाक से पीड़ित महिला मजिस्ट्रेट की अदालत में गुजारा-भत्ता और नाबालिग बच्चों की कस्टडी की मांग कर सकती है।

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