
File Photo of Yogi Adityanath and PM Modi during special discussion on UP Government
Assembly elections 2022: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और गोवा के युवा मुख्यमंत्रियों को दोबारा मौका देकर कई संदेश दिए हैं। पहला संदेश है कि राज्यों में अच्छा बहुमत मिलने के बावजूद पार्टी 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले नेतृत्व को लेकर किसी तरह का प्रयोग नहीं करना चाहती। पार्टी का ध्यान मौजूदा चेहरों को और मजबूत कर उनके स्थानीय नेतृत्व में लोकसभा चुनाव की तैयारियों को धार देने की कोशिश है। दूसरा बड़ा संदेश है कि भविष्य और राष्ट्रीय राजनीति के लिए नया और युवा नेतृत्व तैयार करने की।
उत्तर प्रदेश में दोबारा मुख्यमंत्री बनने जा रहे योगी आदित्यनाथ की उम्र अभी 49 साल है। इसी तरह गोवा और उत्तराखंड की दोबारा कमान संभालने जा रहे डॉक्टर प्रमोद सावंत और पुष्कर सिंह धामी की उम्र क्रमशः 48 और 46 वर्ष है। इस प्रकार देखें तो तीनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों की उम्र 50 साल से कम है। कम उम्र में बड़ी जिम्मेदारियां देकर पार्टी तीनों चेहरों को भविष्य के लिए और मजबूत करने में जुटी है।
संगठन और सरकार में औसत आयु घटी
बीजेपी की ओर से संगठन और सरकार दोनों स्तर पर सेकंड लाइन लीडरशिप को मौका दिया जा रहा है। ताकि भविष्य की दृष्टि से किसी स्तर पर योग्य और सक्षम नेतृत्व की कमी न हो। मिसाल के तौर पर मोदी सरकार के मंत्रिपरिषद की औसत आयु 58 वर्ष हो चुकी है। इसके पहले 60 वर्ष औसत आयु थी। भारतीय जनता पार्टी के एक वरिष्ठ राष्ट्रीय पदाधिकारी ने पत्रिका से कहा, 2014 से राजनीति की दशा दिशा बदल चुकी है। अब राजनीति फुलटाइम हो चुकी है। फुलटाइम राजनीति वही कर सकेगा जो ऊर्जावान होगा। पार्टी बूथ और मंडल से लेकर प्रदेश स्तर तक युवा नेतृत्व को बढ़ावा देने में जुटी है। संगठन और सरकार दोनों स्तर पर युवा नेतृत्व को प्रमोट किया जा रहा।
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Updated on:
24 Mar 2022 07:09 am
Published on:
23 Mar 2022 05:35 pm
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