प्रतापगढ़. जिले के पीपलखूंट इलाके की टामटिया गांव की बहू संतोष खराड़ी हाल ही में जिले के महिलाओं के लिए मिसाल बन गई है। जिले के टामटिया क्षेत्र की छोटी सी ढाणी की रहने वाली आदिवासी समुदाय की महिला है संतोष खराड़ी। जो पहले विकास अधिकारी रह चुकी हैं। हाल ही में जिले की पहली महिला सब इंस्पेक्टर बनी है। इस पर परिवार और गांव में खुशी का माहौल है। इस मौके पर यहां गांव में सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।
परिवार का पूरा सहयोग
संतोष खराड़ी ने पिछड़े क्षेत्रों की बेटियों को कहा कि मन और लगन से की गई मेहनत हमेशा रंग लाती है। कठिन परिश्रम वह चाबी है, जो किस्मत का दरवाजा खोल देती है। धैर्य और मेहनत के बल पर ही सफलता संभव है। इसके लिए जरूरी है कि हम पहले अपने लक्ष्यों का चयन करें और फिर लक्ष्यों को हासिल करने के लिए इमानदार प्रयास करें। सफलता जरूर आप के कदमों में होगा। तामिया की रहने वाली संतोष खराड़ी एक मध्यवर्गीय परिवार से है। इसके बाद भी परिवार ने बेटी को करियर बनाने में पूरा सहयोग दिया।
ससुराल में रहकर की पढ़ाई
संतोष खराड़ी ने बताया कि वह ससुराल में रहकर पढ़ाई कर रही थी। इसके अलावा वह 2 पंचायतों की ग्राम विकास अधिकारी भी रह चुकी है। एक बेटा और एक बेटी है। बेटा ढाई वर्ष का है और बेटी 11 वर्ष की है। जो पढ़ाई कर रही है। उसे परिवार के लोग आईपीएस बनाना चाहते है। संतोष के ससुर रूपचंद्र निनामा पूर्व सरपंच टामटिया जो लगातार 25 वर्षों तक सरपंच रह चुके हैं। जबकि पति बांसवाड़ा में अधिवक्ता है। संतोष खराड़ी वर्तमान में भी ग्राम पंचायत तलायां सोडलपुर में ग्राम विकास अधिकारी के रूप में कार्यरत है।