प्रतापगढ़. जिले में इस वर्ष बारिश का आंकड़ा काफी कम है। वहीं गत दिनों से बारिश नहीं होने से जहां फसलों पर विपरित प्रभाव पडऩे लगा है। वहीं दूसरी ओर जलाशय भी खाली है। ऐसे में किसानों में फसलों में नुकसान की आशंका सताने लगी है। बारिश नहीं होने के कारण अब बारिश की आस में गांवों में कई जतन किए जा रहे है। बारिश की कामना को लेकर देवी-देवताओं की शरण में जाने लगे है। जिले में औसत बारिश 984 एमएम मानी गई है। इसके एवज में अब तक 460 एमएम बारिश ही हुई। जो 46 प्रतिशत है। गत दिनों से जिले के कई इलाकों में बारिश नहीं होने से फसलें मुरझाने लगी है। जिले के पहाड़ी और पथरीले इलाके में फसलें मुरझाने लगी है। इससे किसानों में ङ्क्षचता बढऩे लगी है।
किसानों में गहराने लगी ङ्क्षचता
स्वरूपगंज. यहां क्षेत्र में लंबे समय से बारिश नहीं होने की वजह से किसानों ें ङ्क्षचता है। बारिश नहीं होने से अब किसानों को खेतों में ङ्क्षसचाई का जुगाड़ करना पड़ रहा है। कई खेतों में फव्वारा ङ्क्षसचाई की जाने लगी है। क्षेत्र में बारिश की कमी से खेतों में दरारें पडऩे लग गई है। इन दिनों किसान खरपतवार हटाने में जुटे हुए हैं। कई जगह कीटों के नियंत्रण के लिए दवाइयों का छिडक़ाव कर रहे है। अभी बारिश की कमी के कारण फसलों में बढ़वार रुक गई है। ऐसे में उत्पादन में कमी से किसानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसे देखते हुए जिन किसानों के पास ङ्क्षसचाई का साधन है। वे किसान अभी अपने खेतों में फसलों को पानी देने का कार्य कर रहे हैं। इसमें मूंगफली आदि फसलों में फव्वारा लगाने शुरू कर दिए हैं।
क्षेत्र में बारिश की कामना को लेकर रविवार को उज्जैयनी मनाई गई। गांव के सभी किसानों ने अपने परिवार सहित घर से बाहर खेतों पर भोजन बनाकर भगवान को भोग लगाया। अच्छी बारिश की कामना को लेकर मंदिरों में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन, अनुष्ठान आदि किए गए। गांव में देवनारायण मंदिर में महिलाओं द्वारा भजन कीर्तन किए गए। बारिश की लम्बी खेंच से किसानों को सता रही फसल सूखने की ङ्क्षचता
करजू. मानसून की बेरुखी का असर खेतों में पडऩे लगा है। करजू, साठोला, मानपुरा जागीर, रावतपुरा सहित आसपास के गांवों में देखने को मिल रहा है। बड़े रकबे में बुआई की गई मूंगफली, सोयाबीन व अन्य फसलें भी प्रभावित होना शुरू हो गई है। बारिश नहीं होने से कई तरह के कीट या दीमक का खतरा भी मंडराने लगा है। बारिश की लंबी खेंच से किसानों की ङ्क्षचता बढ़ रही हैं। खेत में नमी बनी रहे, इसके लिए जिनके पास संसाधन है। वो किसान ङ्क्षसचाई करना भी शुरू कर दिया है। क्षेत्र में पानी की कमी से मूंगफली, सोयाबीन मक्का की फसल पर ज्यादा असर पड़ रहा है। आने वाले समय में भी अगर बारिश नहीं होती है तो लागत भी मुश्किल होगी।करजू में किया हवन
करजू. यहां गांव में रविवार को इंद्रदेव को प्रसन्न करने के लिए ग्रामीणों ने संकट मोचन हनुमान मंदिर पर हवन किया। ग्रामीणों ने हवन में आहुतियां दी। गांव में खुशहाली एवं अच्छी बारिश की कामना को लेकर देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना की। महिलाओं ने इंद्रदेव के मंगल गीत गाए और गांव के बाहर चूरमा दाल बाटी बनाकर इंद्रदेव को भोग लगाया। इस अवसर पर सहकारी समिति अध्यक्ष रामेश्वर लाल जणवा, खेमराज जणवा, बगदीराम जणवा, बद्रीलाल जणवा, घनश्याम जणवा, धनराज जणवा, रामलाल मीणा आदि ने हवन किया।
बारिश का आंकड़ा
मुख्यालय बारिश
प्रतापगढ़ 641
अरनोद 407
छोटीसादड़ी 486
धरियावद 342
पीपलखूंट 547
सुहागपुरा 364
दलोट 436
(जिले में इस वर्ष अब तक बारिश के आंकड़े)