प्रतापगढ़

अनोखा शिव मंदिर: यहां गंगाकुंड में स्नान पर मिलता है पाप मुक्ति प्रमाण-पत्र

Sawan 2023: राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले के अरनोद उपखंड के निकट अरावली की उपत्यकाओं में अवस्थित है आदिवासियों का प्रसिद्ध तीर्थ गौतमेश्वर महादेव मंदिर। यह स्थान ऋषियों की तपोभूमि और पाप निवारण का प्रमुख स्थल माना जाता है। लोगों की मान्यता है कि यहां पापमोचिनी गंगाकुंड में स्नान करने से जाने-अनजाने में किए पाप धुल जाते हैं।

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राकेश वर्मा
Famous Shiv Temples: राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले के अरनोद उपखंड के निकट अरावली की उपत्यकाओं में अवस्थित है आदिवासियों का प्रसिद्ध तीर्थ गौतमेश्वर महादेव मंदिर। यह स्थान ऋषियों की तपोभूमि और पाप निवारण का प्रमुख स्थल माना जाता है। लोगों की मान्यता है कि यहां पापमोचिनी गंगाकुंड में स्नान करने से जाने-अनजाने में किए पाप धुल जाते हैं। मात्र 11 रुपए में पाप मुक्ति का प्रमाण पत्र भी दिया जाता है जो गौतमेश्वर अमीनात कचहरी की ओर से जारी किया जाता है।


ऐसे पहुंच सकते हैं यहां
गौतमेश्वर तीर्थ प्रतापगढ़ जिला मुख्यालय से करीब 25 किमी दूर अरनोद उपखंड के निकट है। रेल मार्ग नहीं होने से यहां बस या निजी वाहनों से ही पहुंचा जा सकता है। पक्की डामर की सड़क बनी हुई है।

ये है खास
मान्यता है कि यह स्थान शृंग ऋषि की तपोस्थली रहा है और इसे आदिवासियों के हरिद्वार के रूप में जाना जाता है।

आदिवासियों का हरिद्वार
गौतमेश्वर महादेव ऋषियों की तपोभूमि और पाप निवारण का प्रमुख स्थल होने के साथ ही प्रकृति के समीप भी है और आदिवासियों के हरिद्वार के रुप में भी जाना जाता है। गौतमेश्वर महादेव तीर्थ सदियों पुराना है। मई माह में करीब 8 दिन का गौतमेश्वर मेला लगता है। उस समय बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। गौतमेश्वर महादेव के मन्दिर के ऊपर से झरना बहता है। बारिश के मौसम में यहां चारों ओर हरियाली की चादर बिछ जाती है और झरने चलते हैं।

Updated on:
29 Jul 2023 04:07 pm
Published on:
29 Jul 2023 04:06 pm
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