11 फ़रवरी 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

विश्व के सर्वश्रेष्ठ ग्रंथ है रामायण, भागवत और गीता

रोकडिय़ा हनुमान मंदिर में रामकथा की पूर्णाहुति पर उमड़े श्रद्धालु

2 min read
Google source verification
pratapgarh

विश्व के सर्वश्रेष्ठ ग्रंथ है रामायण, भागवत और गीता

प्रतापगढ़ विश्व में तीन ग्रंथों की त्रिवेणी सर्वश्रेष्ठ है। गीता, भागवत और रामायण। गीता योग सिखाती है, भागवत वियोग और रामायण में जीवन के प्रयोग हैं। घर में यह तीनों ग्रंथ रखो। इन पर आपकी दृष्टि पड़े वो भी बड़ी फलदायक है। रामायण के प्रयोग अपने घर में करो। यह बात रोकडिया हनुमान में महर्षि उत्तम स्वामी ने कहा कि संसार तोडऩे का काम करता है। राम, रामायण जोडऩे का काम करती है। भजन से पांडाल में हजारों भक्तों ने कीर्तन, नर्तन किया।
कहा हम सौभाग्यशाली हैं कि मानव समाज को तुलसीबाबा ने अपनी वाणी का महाप्रसाद राम कथा दी। कथा में पूरे विश्व के मानव समाज का हित राम कथा में है। शबरी ने अखिल विश्व के स्वामी श्री राम को ऋष्यमूक पर्वत का रास्ता दिखाया। भक्त सबरी जैसे संत ने श्रीराम को मार्ग दिखाया। आगे जाकर श्री राम की पहचान के लिए हनुमान ब्राह्मण का रूप बनाकर आए। सुग्रीव मिले। बाली का उद्धार हुआ। पूरी वानर जाति माता सीता का पता लगाने के चारों दिशाओं में लग गई। हनुमान को शक्ति याद दिलाने पर हनुमान जी समुद्र लांघकर लंका पहुंचे।
रामेश्वरम की पूजा प्राण प्रतिष्ठा के लिए असूरतत्व छोडकऱ रावण आचार्य बनकर आया। यजमान राम ने आचार्य ब्राह्मण रावण को दंडवत प्रणाम किया। रावण के लिए कम्ब रामायण में लिखा कि पुष्पक विमान में रावण सीता माता को लेकर आया। रामेश्वरम प्राण प्रतिष्ठा पूजा, राम सीता ने जोड़े से की। यजमान श्रीराम को आचार्य रावण ने युद्ध में विजय का आशीर्वाद दिया। दक्षिणा में रावण नें अपना उद्धार और मृत्यु के समय श्री राम को अपने समक्ष रहने का वचन दक्षिणा में मांगा। रामायण को अपने जीवन में उतारो। रावण के वध, राम के पुष्पक विमान से अयोध्या आगमन, भरत द्वारा राम का राज तिलक, अयोध्या में दीपावली के साथ राम कथा की पूर्णाहुति हुई।
रोकडिय़ा हनुमान मंदिर मंडल के ओमप्रकाश ओझा, भंवरलाल व्यास, प्रकाशचंद्र व्यास, बगदीराम कुमावत, लक्ष्मण सिंह राजपूत, पंकज जैन, पुष्करलाल आदि ने उत्तम स्वामी को श्रीफल अर्पित कर सम्मानित किया। गुरुभक्त मंडल के चंद्रशेखर मेहता को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. वीसी गर्ग एवं अतिरिक्त जिला कलक्टर गोपाललाल स्वर्णकार ने भी आशीर्वाद लिया।
इस मौके पर पूर्णाशंकर व्यास, आशीष दामोदर सोमानी परिवार, देवराम गायरी, गुरुभक्त मंडल के ओम जैन, मंत्री एमपी श्याम बंसल, जिलाध्यक्ष भाजपा शेलेन्द्र चौबीसा, बांसवाड़ा, मेवाड़ क्षत्रिय महासभा के जिलाध्यक्ष डीडी सिंह राणावत, रवि सोनी आदि मौजूद रहे। संचालन सिद्धेश्वर जोशी ने किया।