
प्रतापगढ़ का कौनसा बैंक देगा मां का दूध
प्रतापगढ़.
मां का दूध, नवजात के लिए अमृत है, कोई राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय कंपनी ऐसा फॉर्मूला नहीं बना पाई जो मां के दूध का मुकाबला कर सके। दिक्कत तब होती है, जब किन्हीं कारणों से मां अपने नवजात को दूध नहीं पिला पाती। लेकिन प्रतापगढ़ में यह मुश्किल हल होने वाली है। इस साल के अंत तक यहां मां का दूध उपलब्ध होगा। जी हां जिला चिकित्सालय में शीघ्र ही मदर मिल्क बैंक खुलने जा रहा है। इसको लेकर सोमवार को राज्य सलाहकार योग गुरू देवेंद्र अग्रवाल ने जिला चिकित्सालय में पीएमओ डॉ राधेश्याम कच्छावा व स्टाफ के साथ निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने एमसीएच विंग के बगल में खाली जमीन को मिल्क बैंक के लिए उपयुक्त जगह बताई। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की बजट घोषणा में राज्य सरकार की ओर से 10 जिला चिकित्सालय में यह प्रोजेक्ट चल रहा है, जिनकी सफलता को देखते हुए अब प्रतापगढ़ सहित सात अन्य जिला चिकित्सालयों में और मदर मिल्क खोले जाने की सैद्धान्तिक स्वीकृति प्रदान की गई है।
क्यों है जरूरत
बच्चों में कुपोषण की बड़ी वजह माता के दूध की कमी होती है, जब किन्ही कारणों से शिशु को पर्याप्त मात्रा में मां का दूघ नहीं मिल पाता तो ऐसे बच्चे कुपोषण का शिकार जल्द हो जाते हैं। ऐसे में रिश्तेदार या पहचान की कोई महिला खोजी जाती है, जो अपने बच्चे के हिस्से का दूध उसको दे सके। लेकिन हमेशा ऐसा नहीं हो पाता है और दूसरी मां का दूध भी आसानी से उपलब्ध नहीं होता। इस दिक्कत को दूर करने के लिए मदर मिल्क बैंक खुलेगा।
अभी यहां हैं मदर मिल्क बैंक
चित्तौड़, भीलवाड़ा, बारां, बूंदी, टोंक, भरतपुर, अलवर, ब्यावर, बांसवाड़ा, चुरू, राजसमंद, सिरोही, जालोर, बाडमेर,, सवाईमाधोपुर, करौली, धौलपुर
यह स्टाफ लगेगा
ऑफिस इंजार्च, डोनर रूम इन्चार्ज, लेब इंन्जार्ज, काउंसलर, लेक्टेशन मैनेजर, सहायक कर्मचारी, सफाई कर्मचारी।
यह होगी प्रक्रिया
धात्रीमाता को स्तनपान एवं दूध दान के लिए संबंध में पूर्ण परामर्श प्रदान किया जाएगा। इसके बाद ब्रेस्ट व निप्पल क्लीनर से क्लीन कर इलेक्ट्रिक बेस्ट पंप से शेष दूध दान में प्राप्त कर लिया जाएगा, इस प्रक्रिया में ब्रेस्ट पंप से माता का दूध लेने से उसे ऐसा एहसास होगा कि वह जैसे अपने बच्चे को स्तनपान करवा रही है।
कौन माताएं दान दे सकती हैं
वे धात्री माताएं जो अपने बच्चे को स्तनपान करवाती है, एवं स्तनपान के बाद भी उनके पास अतिरिक्त दूध होता है। वे धात्री माताएं जिनके बच्चे को चिकित्सकीय कारणों से स्तनपान से रोक दिया गया है या वे ग्लूकोज पर है। वे धात्री माताएं जिनके बच्चे की मृत्यु हो गई है।
Published on:
18 Jun 2018 08:33 pm
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