
दो दिन पहले अचानक राजा भैया के एक फैसले ने यूपी की कई सीटों पर सियासी उलट फेर कर दिया। राजा भैया ने अपने हजारों कार्यकर्ताओं के साथ बैठक के बाद जैसे ही फैसला सुनाया कि इस चुनाव में वो या उनकी पार्टी किसी को अपना समर्थन नहीं दे रहे हैं, वैसे ही राजनितिक जानकारों ने कहा कि अब तो कई सीटें भाजपा के हांथ से खिसक सकती हैं। जिसमें से लोकसभा सीट कौशांबी और प्रतापगढ़ को सबसे ज्यादा प्रभावित माना जा रहा है। कौशांबी भले ही अलग जिला है, लेकिन कौशांबी लोकसभा क्षेत्र का बड़ा हिस्सा राजा भैया के गढ़ में लगता है। जिसके कारण हमेशा से यह माना जाता रहा है कि जिसे राजा भैया का समर्थन मिलेगा इस सीट पर वहीं चुनाव जीतेगा और परिणाम भी हमेशा कुछ ऐसे ही रहे। इसी तरह से प्रतागढ़ लोकसभा सीट भी राजा भैया के प्रभाव में रहती है। उस सीट पर भी उनके कार्यकर्ताओं की तादात काफी लंबी है।
भाजपा प्रत्याशी से राजा भैया की कभी नहीं बनी
भाजपा ने कौशांबी से विनोद सोनकर को प्रत्याशी बनाया है, और कहा जा रहा है कि विनोद सोनकर की राजा भैया से कभी नहीं बनी। दोनों नेताओं में हमेशा से तल्खी कायम रही। वहीं राजा भैया के फैसले से पहले विनोद सोनकर उनसे मिलने के लिए कोठी पर गए थे। जहां उनकी मुलाकात भी राजा भैया से हुई, लेकिन सोनद सोनकर राजा भैया को संतुष्ट नहीं कर पाए और बात बिगड़ गई। ऐसे में अब बीजेपी इन दोनों सीटों पर अपनी जीत के लिए किस नए रास्ते की तलाश करेगी यह आगे देखने वाली बात होगी।
Published on:
16 May 2024 11:16 pm
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