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प्रयागराज के लोगों को झटका, 2026 तक एम्स बनाने की कोई योजना नहीं

AIIMS: प्रयागराज वासियों के लिए यह अच्छी खबर नहीं है। शहर में 2026 तक एम्स की सुविधा नहीं मिल सकती। प्रयागराज में एम्स की स्थापना के मांग में दाखिल जनहित याचिका पर केंद्र सरकार ने हलफनामा दाखिल कर कहा कि साल २०२६ तक प्रयागराज में एम्स बनाने की कोई योजना नहीं है।

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AIIMS: केंद्र सरकार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में हलफनामा दाखिल कर बताया है कि प्रयागराज में एम्स जैसे संस्थान की स्थापना की कोई योजना नहीं है। प्रयागराज में एम्स की स्थापना के लिए दाखिल की गई एक जनहित याचिका पर यह जवाब दिया गया है। हालांकि कोर्ट ने याची को ओर से दिए गए इस सुझाव पर कि बीएचयू में एम्स जैसा संस्थान बनाया जा सकता है, पर जवाब देने के लिए समय दिया है।
यह आदेश मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली और विकास बुधवार की खंडपीठ ने सहज सारथी फाउंडेशन व अन्य की तरफ से दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया है।

याची अधिवक्ता ने दिया यह तर्क
याची अधिवक्ता सत्येंद्र चंद्र त्रिपाठी ने पूरक हलफनामा दाखिल कर कोर्ट को यह बताया कि केंद्र सरकार वाराणसी में एम्स की तर्ज पर बजट देने की योजना पर काम कर रही है। प्रयागराज में भी इसी तर्ज पर एम्स बनाया जा सकता है। बीएचयू में पीएम स्वास्थ्य योजना के तहत एम्स जैसी सुविधाएं और बजट दिया जा रहा है।
इस सुझाव पर जानकारी करने के लिए सालिसिटर जनरल वरिष्ठ अधिवक्ता शशि प्रकाश सिंह ने न्यायालय से समय मांगा है। कोर्ट ने समय देते हुए अगली सुनवाई की तारीख 10 जनवरी 2025 नियत की है।

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