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योग्य वकीलों की नियुक्ति को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट योगी सरकार से खफा, प्रमुख सचिव लॉ को किया तलब

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने योगी सरकार की कोर्ट के प्रति कार्यशैली पर जतायी नाराजगी, राज्य विधि अधिकारी के पदों पर योग्य कीलों को नियुक्ति का मामला।

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Yogi Adityanath

योगी आदित्यनाथ

इलाहाबाद. हाईकोर्ट इलाहाबाद ने एक बार फिर योगी सरकार की कोर्ट के प्रति कार्यशैली पर नाराजगी जतायी है और इसमें सुधार के लिए प्रमुख सचिव विधि उमेश कुमार को तलब किया है।


कोर्ट ने प्रमुख सचिव विधि को तलब कर उनसे स्पष्टीकरण मांगा है कि वह बताये कि अदालतों में सहयोग के समुचित व्यवस्था क्यों नहीं की जा रही है। न्यायालय ने पूछा है कि यदि सरकार सक्षम व योग्य वकीलों की राज्य विधि अधिकारी के पदों पर नियुक्ति नहीं कर रही है तो क्यों न अदालत आदेश में सरकार की तरफ से सहयोग न मिलने का जिक्र कर केसों का एकतरफा निस्तारण करें। यही नहीं कोर्ट ने यह भी आदेश दिया कि कोर्ट में सरकार का पक्ष न रखकर बेवजह अदालत का समय बर्बाद करने के लिए क्यों न सरकार पर भारी हर्जाना लगाया जाए। प्रमुख सचिव लॉ को कोर्ट ने 24 अक्टूबर को तलब किया है।

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यह आदेश न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल व न्यायमूर्ति अजीत कुमार की खण्डपीठ ने मनसाद व अन्य की याचिका पर दिया है। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि दो बार इस केस की सुनवाई इस कारण टाल दी गयी कि सरकारी वकील ने कोर्ट को बताया कि जवाब तैयार हो रहा है। दो बार का समय 8 दिसम्बर 17 व 19 दिसम्बर 17 को दिया गया था लेकिन केस की सुनवाई के दिन तक इस मामले में जवाब दाखिल नहीं किया गया। जवाब तैयार किये जाने का सरकारी वकील का बयान झूठा था। इस कारण कोर्ट ने अधिकारी को तलब किया है। कोर्ट ने याची के पक्ष में पारित अंतरिम आदेश को अग्रिम आदेश तक के लिए बढ़ा दिया। कोर्ट का कहना था कि योग्य सरकारी वकीलों की नियुक्ति न होने से अब अदालत प्रतीक्षा नहीं करेगी, बल्कि केसों का एकतरफा निस्तारण कर सरकार पर जुर्माना ठोकेगी।

by PRASOON PANDEY