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पंथ निरपेक्ष सरकार प्राइवेट धार्मिक ट्रस्ट को कैसे दे सकती है जमीनः हाईकोर्ट

बाबा जयगुरुदेव ट्रस्ट के सदस्य की याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रमुख सचिव से मांगा जवाब

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Varanasi Uttar Pradesh

Jul 27, 2017

Allahabad High Court

Allahabad High Court

इलाहाबाद. उच्च न्यायालय इलाहाबाद ने प्रदेश के मुख्य सचिव से पूछा है कि एक पंथ निरपेक्ष सरकार किसी प्राइवेट धार्मिक ट्रस्ट को सरकारी जमीन अधिग्रहीत कर सत्संग भवन के लिए किस कानून के तहत दे सकती है। कोर्ट ने 30 जून 2017 के आदेश का पालन न करने पर कड़ी नाराजगी प्रकट की और कहा कि धार्मिक ट्रस्ट को जमीन देना पंथ निरपेक्ष राज्य के सिद्धांत के खिलाफ है या नहीं। याचिका की अगली सुनवाई आठ अगस्त को होगी।




कोर्ट ने मुख्य सचिव को विस्तृत ब्यौरे के साथ हलफनामा दाखिल करने का अंतिम अवसर दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति अरूण टंडन और न्यायमूर्ति ऋतुराज अवस्थी की खण्डपीठ ने मथुरा के बाबा जयगुरूदेव ट्रस्ट के सदस्य रामकृष्ण यादव, पंकज बाबा की याचिका पर दिया है। सरकार ने ट्रस्ट को सत्संग भवन व समाधि स्थल बनाने के लिए जमीन दी, जिस पर पारित नक्शे के विपरीत हुए निर्माण को हटाने की मथुरा वृन्दावन विकास प्राधिकरण ने अवैध निर्माण ध्वस्त करने की नोटिस दी जिसे याचिका में चुनौती दी गयी है।






याची का कहना है कि वह कम्पाउण्डिंग के लिए तैयार है, लेकिन कोर्ट ने सरकारी जमीन प्राइवेट ट्रस्ट को देने की वैधता पर ही सवाल खड़े किये और मुख्य सचिव से जवाब मांगा। राज्य सरकार की तरफ से कहा गया कि सरकार गंभीर है और मुख्य सचिव नये आ गये हैं इसलिए देरी हुई। दो हफ्ते का और समय दिया जाए। इस पर कोर्ट ने पूछा है कि यदि सरकार गंभीर है तो क्या विधिक राय ली गयी है। सरकार ने क्या गंभीरता बरती है। कोर्ट ने जवाबी हलफनामा दाखिल करने का अंतिम मौका देते हुए कहा है कि अगली तिथि पर सरकार स्थिति स्पष्ट करे। आठ अगस्त को अगली सनुवाई होगी।

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