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सेक्स वर्करों को नारी निकेतन आगरा में रखने पर जवाब तलब 

कोर्ट ने कहा कि बिना सरकार का जवाब देखे बच्चों को उनके भाग्य भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता

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Varanasi Uttar Pradesh

Jun 15, 2016

High Court

High Court

इलाहाबाद. रेड लाइट एरिया मीरगंज इलाहाबाद से सेक्स वर्करों को बच्चों सहित आगरा नारी निकेतन में एक साल तक रखने के आदेश के खिलाफ दाखिल बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर राज्य सरकार से इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जवाब मांगा है। याचिकाओं पर कोर्ट पांच सुनवाई करेगी।

यह आदेश कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश वी.के.शुक्ला तथा न्यायमूर्ति अमर सिंह चैहान की खण्डपीठ ने नारी निकेतन से तलब सभी निरुद्ध दो दर्जन स्त्री-बच्चों व बच्चियों की याचिका पर दिया। कोर्ट ने कहा कि बिना सरकार का जवाब देखे बच्चों को उनके भाग्य भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता।

कोर्ट यह देखेगी कि रिहायी के बाद बच्चों के अधिकार सुरक्षित रहते हैं या नहीं। या उन्हें कहीं उसी दलदल में दुबारा तो नहीं डाल दिया जायेगा। कोर्ट ने तलब बच्चियों को भी रिहा करने से इंकार कर दिया। राजस्थान, उड़ीसा की लड़कियोें की बरामदगी पर उनके भविष्य का सवाल गंभीर है।

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