
लोक सेवा आयोग उत्तर प्रदेश
इलाहाबाद. हाईकोर्ट इलाहाबाद ने मुख्य सचिव को निर्देश दिया है कि प्रदेश के सभी विभागों को आदेश जारी करें कि वे कोर्ट आदेश का समय से पालन सुनिश्चित करें ताकि मुकदमों की सुनवाई में अनावश्यक बाधा न हो। कोर्ट ने कहा कि जवाबी हलफनामा समय से न आने पर सुनवाई में बाधा पैदा होती है।
कोर्ट ने अधिकारियों द्वारा माफी मांगने पर उनके खिलाफ जारी वारंट वापस ले लिया और भविष्य में सतर्क रहने की चेतावनी देते हुए उन्हें माफी दे दी। कोर्ट ने याचिका पर बार बार समय देने पर जवाब न लगाने पर बरेली के डीएम, सीडीओ व सचिव वित्त को तलब किया था। हाजिर न होने पर उनके खिलाफ वारंट जारी किया था।
कोर्ट ने बीडीओ अनुज कुमार को निलंबन तथा विभागीय कार्रवाई करने का भी आदेश दिया है। कनिष्ठ लेखा लिपिक संतोष कृष्ण और सुधीर को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। इन दोनों अधिकारियों को 2016 में हलफनामा दाखिल करने के लिए भेजा गया था किन्तु हलफनामा तैयार होने के बाद दाखिल नहीं किया गया। जिस पर कोर्ट को कड़ा रूख अपनाना पड़ा। उक्त आदेश के साथ याचिका निस्तारित कर दी गयी है।
यह आदेश न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल तथा न्यायमूर्ति इरशाद अली की खण्डपीठ ने राजेन्द्र शैक्षिक समिति स्प्रिं्र्रग डेल महिला महाविद्यालय की याचिका पर दिया है। याचिका में 57 लाख 60 हजार की सीडीओ द्वारा जारी वसूली नोटिस को चुनौती दी गयी थी। विधायक निधि से ली गयी सहायता के दुरूपयोग के आरोप में वसूली नोटिस जारी की गयी थी। कोर्ट ने वसूली पर रोक लगाते हुए सरकार से जवाब मांगा था। इस मामले में बार बार समय दिये जाने पर भी अधिकारियों की तरफ से कोई जवाब दाखिल नहीं हुआ था।
By Prasoon Pandey
Published on:
23 Jan 2018 10:31 pm

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