
बाहुबली अतीक अहमद शूटर
इलाहाबाद. बाहुबली पूर्व सांसद अतीक अहमद का शार्प शूटर जुल्फिकार उर्फ़ तोता पुलिस की हिरासत में है। जुल्फिकार उर्फ़ तोता को क्राइम ब्रांच ने दो दिन पहले ग्रिफ्तार किया था। लेकिन उसकी गिरफ्तारी के बाद दो दिन बाद उसे मीडिया के सामने लायी और बाताया कि, उसके उपर हत्या, हत्या के प्रयास और रंग दारी का दर्जन भर मामला दर्ज है। पुलिस के मुताबिक़ इसके तोता अंसार बाबा का बेटा है। अंसार बाबा के नाम से एक समय लोगो में दहशत हो जाती थी। कभी अतीक की परछाई कहे जाने वाले बाबा जिनकी बिना इजाजत के कोई भी अतीक से नही मिल सकता था। बाबा की कुछ साल पहले हत्या हो गयी थी। उसके बाद ही जुल्फिकार अतीक के साथ अपराध की दुनिया में उतर कर अतीक गैंग के लिए काम करने लगा। जुल्फिकार ने अपनी दुश्मनी और अतीक अहमद के इशारे पर कई हत्याए की है।
अतीक असरफ के इशारे पर करता था काम
जरायम की दुनिया में अतीक के नाम का खौफ पैदा करने वाला आतंक का पर्याय बना जुल्फिकार उर्फ़ तोता के ऊपर पुलिस ने इस पर 20 हज़ार का इनाम भी घोषित किया था। एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने कॉन्फ्रेंस कर मीडिया को बताया कि, तोता नाम का ये अपराधी सपा नेता अतीक अहमद और उनके भाई अशरफ की गैंग का सक्रीय सदस्य है। एसएसपी आनंद कुलकर्णी के अनुसार जुल्फिकार अतीक और अशरफ के लिए काम करता था। उनके इशारे पर जुल्फिकार ने कई बड़ी घटनाओं को अंजाम दिया है।
इसका खुलासा खुद पुलिस से इकबालिया बयान में जुल्फिकार ने किया है। जुल्फिकार ने बताया कि जहां भी अतीक का जमीन का विवाद किसी भी तरह की कब्जेदारी सहित रंगदारी वसूलने का काम करता था। पुलिस ने बाताया की अब तक इसने जो भी अपराध किया वो अतीक और अशरफ के कहने पर ही किया। इसके खिलाफ हत्या सहित करीब 22 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
असरफ ने मारी थी पहली गोली
कप्तान आनंद कुलकर्णी ने बताया कि 2015 16 में शहर के धूमनगंज इलाके के ट्रैक डिपो के पास जितेंद्र पटेल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। साथ ही मरियाडीह ग्राम में अलकामा और सुरजीत की हत्या की गई थी। जुल्फिकार ने बताया की जितेन्द्र को पहली अशरफ ने ही मारी थी। दूसरी गोली खुद तोता ने मारी थी। तत्कालीन जांच में गलत नामजदगी करा दी गई थी। जिसकी दोबारा विवेचना के आदेश के बाद हत्या का सही जांच में अभियुक्त जुल्फिकार अली उर्फ तोता व उनके अन्य साथियों ने हत्या की थी। जुल्फिकार काफी दिनों से फरार चल रहा था। इसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने ₹20000 के इनाम की घोषणा की थी । लेकिन जुल्फिकार को लम्बे समय तक इसे नही पकड़ा जा सका था।
हो सकता था इनकाउंटर
बीते दिनों हाईकोर्ट के सख्त रुख के बाद बाहुबली अतीक के सभी मामलों में जमानत रद्द करते हुए अतीक को जेल भेज दिया। साथ ही उनके छोटे भाई पूर्व विधायक अशरफ के खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट जारी हुआ। अशरफ सहित अतीक गैंग के सभी लोग फरार हो गए। पुलिस की रडार पर अशरफ के अलावा जुल्फिकार अली तोता भी था। अशरफ के साथ-साथ जुल्फिकार के लिए भी शहर और उसे बाहर प्रदेश में अलग-अलग टीम में भेजकर छापेमारी की कार्यवाही की गई लेकिन पुलिस के हाथ कुछ नहीं लगा।
तोता की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं। कभी लस्कर ले कर चलने वाला तोता आज क्राइम ब्रांच के लोगो के कंधे के सहारे कांफ्रेंस रूम तक आया। उसकी गिरफ्तारी की सूचना के बाद उसे कहा रखा गया था। किसी को पता नहीं चला। अटकले यह भी थी उसका इनकाउंटर हो सकता है। दो दिन खुलाशा नहीं करने पर उसकी पत्नी और परिजन यह मांग करते रहे की उससे मिलाओ। जब परिजन नहीं मिल सके तो मिडिया में इस बात की खबर फैलाने की उसकी गिरफ्तारी की गई है। जिससे उसके ज़िंदा होने का पता चला और परिजनों ने राहत की सास ली। इनकाउंटर तो नहीं हुआ पर तोता आज अपने पैरो पर चल कर नहीं आ पाया।
दो दिन हुई पूछतांछ
कप्तान आनंद कुलकर्णी ने बताया कि बीती 21 तारीख को धूमनगंज थाने के प्रभारी निरीक्षक सहित इंटेलिजेंस विंग को मुखबिर से सूचना मिली कि माफिया जुल्फिकार अली उर्फ तोता धूमनगंज इलाके के दामूपुर पुल की तरफ निकला है। पुलिस ने उसकी घेरेबंदी शुरू की मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने घेर लिया। कप्तान के अनुसार जैसे ही पुलिस ने घेरेबंदी शुरू की जुल्फिकार अली तोता ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। फायरिंग करते हुए पुल से नीचे कूद कर भागने लगा। पुलिस ने घेरकर जुल्फिकार अली को पकड़ लिया। उससे गहन पूछताछ के बाद 2 दिन बाद पुलिस ने मीडिया के सामने उसकी गुनाहों का पन्ना खोला।
तोता ने कहा करता हूं भाई के लिये काम
कप्तान ने बताया कि, जुल्फिकार ने इस बात को कुबूल किया है कि वह पूर्व सांसद माफिया अतीक और उसके भाई अशरफ के लिए काम करता है। इन लोगों ने जो भी काम बताया जैसे कहा उस तरह से किया मारना पीटना हो फायरिंग करना हो हत्या करना हो जमीन पर कब्जा दिलाना हो। उस काम को अपने साथियों के साथ अन्य अंजाम देता रहा है।
उसे किसी बात की परवाह नहीं है। उसे मालूम है कि सब कुछ भाई ठीक कर लेंगे। उसे उसके भाई पर पूरा भरोसा है पूछताछ में जितेंद्र पटेल लकमा सुरजीत की हत्या अपने साथियों के साथ करना बताया है। गिरफ्तार हुए जुल्फिकार अली की गाड़ी से पुलिस को एक दोनाली बंदूक एक पिस्टल सहित कई जिंदा कारतूस मिले है। जुल्फिकार अली उर्फ़ तोता पर मुकदमा संख्या 634 /15 धारा 147 148 149 504 120 बी 302 506 120 बी ए307ए3/25ए जैसे तमाम संगीन धाराएं लगी है।
input- प्रसून पांडेय
Published on:
23 Sept 2017 03:00 pm
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