
इलाहाबाद. एक ओर जहां गरीबों के रहने के लिए छत नहीं है। वहीं दूसरी ओर गरीबों के लिए आयी प्रधानमंत्री आवासीय योजना के तहत ऐसे लोगों को मकान दिए गए जो पहले से आलिशान मकानों में रहते हैं। जिनके पास चार पहिया वाहन से लेकर शान-ओ-शौकत के सारे इंतजाम पहले से हैं। मामले का खुलासा तब हुआ जब ग्राम्य विकास राज्य मंत्री डाॅ. महेन्द्र सिंह ने इलाहाबाद स्थित सर्किट हाउस में अपने विभिन्न विभागों के अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में अधिकारियों की पोल खुलते ही राज्यमंत्री ने कई को तत्काल सस्पेंड कर दिया।
राज्यमंत्री डाॅ. महेंद्र सिंह ने बुधवार को इलाहाबाद में प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण योजना को लेकर अधिकारियों की देर शाम बैठक की। समीक्षा बैठक के दौरान विकास खण्ड प्रतापपुर के ग्राम पंचायत सोरो में वर्ष 2016-17 में आवंटित प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 15 में से दो अपात्र आवासीय योजना का खुलासा हुआ। योजना का लाभ ऐसे लोगों को दिया गया था जिनके पास पहले से आलिशान मकान, निर्धारित सीमा से अधिक खेत और चार पहिया वाहन है। इसे लेकर राज्यमंत्री ने अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। साथ ही ग्राम पंचायत अधिकारी को दो वेतन वृद्धि स्थायी रूप से रोकने और प्रतिकूल प्रविष्ठि दिए जाने की कार्रवाई की। वहीं प्रतापपुर के खण्ड विकास अधिकारी के विरूद्ध आरोप पत्र तैयार कर शासन को भेजते हुए प्रतिकूल प्रविष्ठि की कार्रवाई किए जाने का निर्देश दिया। इसी तरह से पिछले महीने भी ग्राम पंचायत अब्दालपुर के ग्राम पंचायत अधिकारी कालिका प्रसाद ने भी 22 अपात्र लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिया था। जिसके लिए उन्होंने कालिका प्रसाद को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। साथ ही आवास की राशि को वसूलने के भी निर्देश दिए।
इसी तरह विकास खण्ड मउआइमा के ग्राम पंचायत पूरनपुर के ग्राम पंचायत अधिकारी द्वारिका पटेल ने भी चार अपात्र लोगों को सरकारी आवासीय योजना का लाभ दिया था। इस पर राज्यमंत्री ने एक वेतन वृद्धि अस्थायी तौर पर तत्काल रोकने के निर्देश दिए। साथ ही आवास के लिए जितनी राशि का लाभ दिया गया है उसकी प्रतिपूर्ति द्वारिका पटेल के वेतन से करने को कहा गया। समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने सभी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि अगर अपात्र लोगों को आवासीय योजना का लाभ दिया गया तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। धांधली की शिकायत मिलते ही तत्काल अधिकारी को प्रभाव से निलंबित किया जाएगा। इस दौरान उन्होंने मनरेगा द्वारा रेन वाटर हार्वेस्टिंग को बढावा देने को कहा। उन्होंने ने कहा कि तालाबों के साथ सूखे कुंओं का भी सौंदर्यीकरण किया जाए। साथ ही तालाबों के किनारे पौधा रोपित किया जाए।
Published on:
05 Aug 2017 12:46 pm
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