
तीन पीढ़ियों से इस परिवार को रोजगार दे रहा रावण ,लोग कहते है रावण वाला घर
प्रयागराज। बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व विजयदशमी पूरे देश भर में आज मनाया जाएगा। धर्म नगरी प्रयागराज में विजयदशमी को लेकर तैयारियां अपने अंतिम पड़ाव पर हैं। रावण दहन की लेकर तैयारियां जोर शोर से चल रही है। ये रावण शहर के कीड़गंज इलाके में बनाएं जाते है। वर्षों पहले शुरू हुआ काम अब तक बदस्तूर जारी है। यहां के कारीगरों का कहना है। यहां के बने रावण की बड़ी डिमांड है। कई प्रदेशों में रावण यहां से बन कर जाते है। कारीगरों ने बताया कि इस बार बारिश और बाढ़ के चलते उन्हे थोड़ा दिक्क़त ज़रूर हुई लेकिन उनका यह पारम्परिक काम चलता रहा।
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वर्षों पुरानी इस रावण कि दुकान पर लोग छोटे. बड़े रावण बनवाने के लिए दूर . दूर से आतें हैं। लोग यहां की कुशल कारीगरी के लोग मुरीद हैं। बताते हैं की नवरात्र शुरू होने से पहले ही उनके यहां रावण बनाने का ऑर्डर आ जाता है। लेकिन उससे पहले ही वह लोग रावण को बनाने में लगने वाली सामग्री को लेकर तैयारियां शुरू कर देतें हैं। उनके यहां दस फिट से लेकर पचास फिट तक के रावण को बनाने का कार्य किया जाता है। जिसमें लगभग आठ से दस लोग कई दिनों के अथक प्रयासो से पूरा करतें हैं। बताते हैं की यह उनकी तीसरी पीढ़ी है जो मूर्तियों के अलावा शहर ही नहीं बल्कि प्रदेश के दूसरे हिस्सों में भी यहां की कारीगरी के लोग मुरीद हैं। जिस कारण यहां खींचे चले आते हैं।
कारीगर जय सिंह ने कहा की रावण को बनाते है। अलग -अलग प्रदेशो से लोगों का आना होता है। कई बार बाहर से आने वाले लोग कई -कई दिन शहर में रुकते है और साथ लेकर जाते है। वही स्थानीय तौर पर सैकड़ो छोटे बड़े रावण अब तक जा चुके है। नये लोगों में बहुत क्रेज है इस बार तो छोटे छोटे रावण खूब बीके है। घरों के लिए लोग ले जा रहे है। आने वाले लोग बच्चों के साथ आते है और टीवी वाले कार्टून की तरह और अलग -अलग तरह के रावण बच्चो की डिमांड पर बनवाते है। उन्होंने कहा ज्यादा तर लोग तो इसे रावण वाला घर ही कहते है।
Published on:
08 Oct 2019 02:29 am
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