
vijma yadav
प्रयागराज |अन्तरिम ज़मानत पर चल रही पूर्व झूंसी विधायक विजमा यादव को जमानत मिलने के बाद भी 6 अन्य सह अभियुक्तों के साथ ज़मानतदारो के सत्यापन होने तक जेल जाना पड़ा। थाना झूंसी के छतनाग में मोहन लाल यादव की हत्या के बाद 29 जून 2005 वादिनी शशि देवी के घर में घुसकर पूर्व विधायक विजमा यादव सहित 11 नामजद व अज्ञात लोगों द्वारा लूटपाट,आगजनी व मारने पीटने के बाबत 156(3)में एक प्रार्थना पत्र दी गई थी जो परिवाद में तब्दील कर बयान 200 व 202 के बाद कोर्ट ने सभी 11 लोगों को धारा 395,397,436,323,504,506,384,में तलब किया था
जिसमे विजमा यादव के विरुद्ध गिरफ्तारी वारंट चल रहा था जिसमे हाज़िर होने पर न्यायालय विशेष जज पवन कुमार तिवारी( एम पी एम ए ले कोर्ट) ने अंतरिम जमानत पर रिहा कर दिया था मंगलवार को समर्पण करने पर उनकी ज़मानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई हुई जिसका सरकार की ओर से विरोध ज़िला शासकीय अधिवक्ता गुलाब चन्द्र अग्रहरि व अपर शासकीय अधिवक्ता राजेश गुप्ता ने किया सुनवाई के बाद विजमा यादव को एक एक लाख की दो जमानतें व निजी मुचलका दाखिल करने पर रिहा करने का आदेश हुआ ,लेकिन उच्च न्यायालय के पूर्व के दिशा निर्देश की 20 हज़ार से ऊपर की जमानत पर ज़मानतदारो का सत्यापन कराना आवश्यक है,सभी 7 मुल्जिमान को जमानत सत्यापन होने तक जेल भेज दिया।
Updated on:
18 Dec 2018 06:19 pm
Published on:
18 Dec 2018 06:11 pm
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