जार्जटाउन थाना क्षेत्र के अमरनाथ झां मार्ग पर रहने वाले डॉ. एके बंसल (डा. अश्विनी कुमार बंसल) (59) का कीडगंज थाना क्षेत्र के बाई का बाग में जीवन ज्योति हास्पिटल है। वह नगर के जाने-माने सर्जन थे। वह रोज अपने हास्पिटल में सात बजे से मरीजों को देखते थे, लेकिन गुरूवार की शाम को वह 6.35 बजे ही पहुंच गये थे। वह अपने चैम्बर में मरीजों को देख रहे थे। पहली पेशेंट मीना केशरवानी अंदर गयी थी। उसके बाद रीवां जनपद का रहने वाला वैद्यनाथ (80) अंदर गया था। उसी समय दो लोग आये। एक व्यक्ति चैम्बर के बाहर खड़ा हो गया और एक अंदर घुस गया। उस वक्त उनका वार्ड ब्यॉय शैलेन्द्र पाठक अंदर था।
शैलेन्द्र के मुताबिक वह लडक़ा अंदर घुसा और पिस्टल निकालकर सीधे डॉ. बंसल की कनपटी पर सटाकर गोली मार दिया। जिससे वह कुर्सी नीचे गिर गये। जब वह उठने की कोशिश कर रहे थे, तभी उसने दो-तीन फायर और किया। एक गोली बांये कंधे में लगी। एक गोली सिर में लगी है, जबकि एक का निशाना चूक गया। फायरिंग की आवाज सुनकर जब तक अस्पताल के लोग दौड़े तब तक में एक झटके से वह लडक़ा रिवाल्वर सहित बाहर निकला और अपने साथी संग अस्पताल के पीछे के रास्ते से भाग निकला। डा. बंसल को गोली मारे जाने की सूचना से पूरे अस्पताल में हडक़म्प मच गया।
अस्पताल की रिसेप्शनिस्ट रेनू ने पुलिस को सूचना दी। सूचना पर इलाकाई पुलिस के अलावा एसएसपी शलभ माथुर, डीआईजी विजय कुमार व आईजी डा. केएस प्रताप कुमार पहुंच गये। घायल डाक्टर को अस्पताल के ही आईसीयू में ले जाया गया। उनके कंधे व कनपटी में फंसी गोली मिल नहीं रही थी, इसलिए उन्हें लाद फांदकर मेडिकल चौराहा, जार्जटाउन के समीप स्थित कृति स्कैनिंग सेंटर ले जाया गया। जहां से उनका सिटी स्कैन कराया गया। बाद में उनकी मौत हो गई।
एसएसपी शलभ माथुर के मुताबिक गोली मारने वालों के बारे में अभी कुछ नहीें कहा जा सकता। वहां लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज निकालकर जांच की जा रही है। बताते चलें कि डॉ. बंसल के खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हैं। पूछताछ में पता चला है कि वह दोनों पैंट शर्ट पहने थे और गले में गमछा लपेटे हुए थे।