
महाकुंभ 2025 में मौनी अमावस्या से पहले संगम तट पर भगदड़ मच गई, जिसमें 17 लोगों के मौत की खबर सामने आ रही है। यह पहली बार नहीं है जब कुंभ मेले में ऐसी भगदड़ की घटना घटी हो। आइए जानते हैं इतिहास में दर्ज ऐसे हादसों के बारे में...

प्रयागराज (2013): 10 फरवरी को मौनी अमावस्या पर रेलवे स्टेशन पर भगदड़ मचने से 36 लोगों की जान गई थी।

हरिद्वार (2010): 14 अप्रैल को हरिद्वार कुंभ मेले के दौरान हर की पौड़ी में भगदड़ मचने से 7 लोगों की मौत हुई थी।

नासिक (2003) : 27 अगस्त को नासिक के कुंभ मेले में भगदड़ के कारण 39 लोगों की मौत हुई थी।

उज्जैन (1992): उज्जैन में सिंहस्थ कुंभ के दौरान भगदड़ मचने से 50 से अधिक लोगों की मौत हुई थी।

प्रयागराज (1954): 3 फरवरी को मौनी अमावस्या के दिन प्रयागराज कुंभ मेले के दौरान भगदड़ मचने से लगभग 800 लोगों की मौत हुई थी।