
उत्तर मध्य रेलवे ने फर्जी टिकटों और जालसाजों पर सख्ती बढ़ा दी है। अब रेलवे स्टेशन से बाहर निकलते ही सभी यात्रियों से टिकट मांगा जाएगा। इसके लिए टीटीई और टिकट चेकिंग स्टाफ की विशेष टीम हर स्टेशन पर तैनात होगी। अगर कोई बिना टिकट या नकली टिकट का इस्तेमाल करता है, तो उसे तुरंत पकड़ा जाएगा।
सीनियर डीसीएम हरिमोहन के नेतृत्व में सूबेदारगंज स्टेशन पर टिकट चेकिंग और बुकिंग स्टाफ के लिए विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें उन्हें ‘जीरो टॉलरेंस’ की रणनीति सिखाई गई। अब सभी एग्जिट प्वाइंट्स पर स्टाफ हर यात्री से टिकट चेक करेगा।
विशेष ध्यान एटीवीएम और मोबाइल ऐपसे जारी टिकटों की जांच पर रखा जाएगा। स्टाफ को कागज की गुणवत्ता, फॉन्ट, QR कोड और रैंडम नंबर देखकर असली और नकली टिकट में अंतर पहचानना सिखाया गया है। इसके अलावा, बार-बार गलत टिकट जारी करने वाले बुकिंग क्लर्कों पर भी निगरानी रहेगी।
संदिग्ध टिकट मिलने पर तुरंत कंट्रोल रूम को रिपोर्ट की जाएगी। रेलवे का लक्ष्य सिर्फ जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि फर्जीवाड़े को पूरी तरह रोकना है। अब हर टिकट का हिसाब डिजिटल और फिजिकल दोनों तरह से रखा जाएगा, और मंडल स्तर पर इसकी गोपनीय रिपोर्ट भी तैयार की जाएगी। इस कदम से फर्जी टिकट बनाने और जालसाजी करने वाले अब आसानी से नहीं बच पाएंगे।
Published on:
31 Mar 2026 09:43 pm
बड़ी खबरें
View Allप्रयागराज
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
