
दोषी मुकेश पटेल
तीन अक्तूबर 2024 को सोरांव के शिवगढ़ चौराहे के पास लगे दुर्गा पूजा पंडाल में गई आठ वर्षीय बच्ची घर लौटते समय लापता हो गई थी। 4 अक्तूबर को गांव के मुन्ना पहलवान के धान के खेत में उसक नग्न शव मिला। उसके दोनों हाथ और सारे दांत टूटे थे। मुंह से खून और झाग बाहर आ रहा था। निजी अंग पर चोट के निशान थे।
मामले में पीड़िता की मां ने तहरीर दी। मुकेश पटेल पर आरोप लगाया कि उसने बच्ची के साथ बलात्कार कर क्रूरता से हत्या कर दी। पोस्टमार्टम में दुष्कर्म के बाद बेरहमी से हत्या की पुष्टि हुई। जांच के दौरान पुलिस ने आसपास के करीब 150 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और 65 से अधिक लोगों से पूछताछ की। जांच में सामने आया कि अभियुक्त मुकेश बच्ची को साइकिल से बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था।
पुलिस ने 16 अक्तूबर की रात जूड़ापुर दादू गांव के पास हाईवे किनारे मुठभेड़ के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया था। जांच के बाद 10 दिसंबर 2024 को चार्जशीट (आरोप पत्र) दाखिल की थी। 21 दिसंबर 2024 को कोर्ट ने आरोप तय किए। 26 मार्च 2026 को आरोपी को दोषी करार दिया और 30 मार्च 2026 को फांसी की सजा सुनाई।
मासूम के साथ हुए जघन्य अपराध के दोषी मुकेश पटेल को फांसी सजा सुनाए जाने की खबर मिलते ही बच्ची के परिजनों की आंखों से आंसू छलक पड़े। यह आंसू दुख के नहीं, बल्कि न्याय मिलने की राहत के थे। परिजनों ने कहा कि उन्हें न्यायालय पर पूरा भरोसा था, जो आज सच साबित हुआ। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी दुर्गा पूजा पंडाल जाने के लिए घर से निकली थी, लेकिन देर तक घर नहीं लौटी। काफी तलाश के बाद भी उसका पता नहीं चला और अगले दिन धान के खेत के पास उसका शव मिला। सीसीटीवी फुटेज में आरोपी मुकेश पटेल बच्ची को साइकिल पर ले जाते हुए दिखा था, जो जांच में अहम कड़ी बना। कोर्ट के फैसले के बाद परिवार ने संतोष जताया और कहा कि आज बेटी को इंसाफ मिल गया।
Updated on:
31 Mar 2026 12:17 pm
Published on:
31 Mar 2026 10:03 am
बड़ी खबरें
View Allप्रयागराज
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
