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प्रयागराज कुंभ 2025 : जर्मन पद्धित से बनेगा गंगा नदी पर अरैल से छतनाग को जोड़ने वाला पुल

अरैल से छतनाग को जोड़ने वाले पुल पर करीब छह सौ करोड़ रुपये की लागत आएगी। कुंभ-2025 को केंद्र में रखकर बड़ी सेतु परियोजनाओं का खाका खींच लिया गया है। गंगा नदी पर यह पुल जर्मन पद्धति पर आधारित पुल बनाया जाएगा। नैनी के नए पुल की तरह जर्मन पद्धति से इसका निर्माण एक्स्ट्रा डोज केबल स्टे सेतु की तरह होगा। UP

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कुंभ 2025 को देखते हुए नई सेतु परियोजनाओं के प्रस्तावों पर चर्चा के लिए उत्तर प्रदेश सेतु निर्माण निगम के महाप्रबंधक आरके सिंह लखनऊ बुलाए गए हैं। आरके सिंह के साथ लोक निर्माण मंत्रालय और सेतु निगम के अफसरों ने नई महात्वाकांक्षी परियोजनाओं पर मंथन किया। जल्द ही इन परियोजनाओं को वित्तीय स्वीकृति मिलने की उम्मीद है। बता दें कि कुंभ-2025 के मद्देनजर बड़ी सेतु परियोजनाओं का खाका भी खींच लिया गया है। अरैल से छतनाग को जोड़ने के लिए गंगा पर जर्मन पद्धति पर आधारित पुल बनाया जाएगा। नैनी के नए पुल की तरह जर्मन पद्धति से इसका निर्माण एक्स्ट्रा डोज केबल स्टे सेतु की तरह होगा। इस पुल के निर्माण के बाद अरैल से झूंसी जाने के लिए प्रयागराज शहर की परिक्रमा नहीं करनी पड़ेगी।

600 करोड़ की लागत से बनेगा पुल

गौरतलब है कि अरैल से झूंसी के बीच जर्मन तकनीक पर बनने वाले पुल का प्रस्ताव यूपी शासन को भेज दिया गया है। बताया जाता है कि करीब डेढ़ किमी लंबे इस सेतु में बीम का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। सेतु परियोजना के सर्वेक्षण के बाद एस्टीमेट तैयार कर लिया गया है। इस सेतु पर करीब छह सौ करोड़ रुपये की लागत आएगी।

अरैल-झूंसी की दूरी होगी कम

जानकारी के मुताबिक इस नई सेतु परियोजना के तैयार होने के बाद अरैल से झूंसी की दूरी काफी कम हो जाएगी। अभी तक रीवा रोड, मिर्जापुर राजमार्ग या फिर अरैल से झूंसी जाने के लिए नए यमुना ब्रिज से होकर बैरहना और शास्त्री ब्रिज होते हुए करीब 10 किमी से अधिक दूरी तय करनी पड़ती है।

सलोरी-हेतापट्टी के बीच 3 किमी लंबा बनेगा पुल

इसी तरह सलोरी से हेतापट्टी के बीच तीन किमी लंबा एक और पुल बनाया जाएगा। इस पुल की लंबाई तीन किमी होगी। सलोरी के पास से उठने वाले इस फोर लेन सेतु पर आठ सौ करोड़ रुपये की लागत का प्रस्ताव शासन की स्वीकृति के लिए भेजा गया है। इस दोनों सेतु परियोजनाओं पर 14 सो करोड़ रुपये से अधिक की लागत आने का अनुमान है। इसके अलावा लाक्षागृह-परानीपुर सेतु परियोजना का भी प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।

प्रयागराज के आवागमन में होगी आसानी

सेतु निगम के अधिकारियों के अनुसार आगामी कुंभ को केंद्र में रखकर गंगा पर इन दोनों नई सेतु परियोजनाओं के निर्माण से शहर से ग्रामीण इलाकों का जुड़ाव आसान हो जाएगा। इससे मध्य प्रदेश, मिर्जापुर के अलावा बहरिया, थरवई समेत कई इलाके की बड़ी आबादी को प्रयागराज शहर के आवागमन में आसानी हो जाएगी। इन दोनों पुलों के निर्माण के लिए लंबे समय से मांग की जा रही थी।