
जिले में रूठा मानसून, गलत साबित हो रहा पूर्वानुमान ( File Photo patrika )
CG Weather Update: बारिश को लेकर मौसम विभाग की भविष्यवाणी गलत साबित हो रही है। लगातार दो दिन से ज्यादातर हिस्सों में सिर्फ बादलों की आवाजाही बनी रही लेकिन बरसात नहीं हुई। जबकि मौसम विभाग ने 12 व 13 से अगले एक सप्ताह तक झमाझम बारिश की भविष्यवाणी की थी। ( CG News ) अब कहना है कि सिस्टम बदल गया, केवल बस्तर क्षेत्र में बारिश होगी। बिलासपुर संभाग में केवल बादल छाए रहेेंगे। जिले से मानसून मानों रूठ सा गया है।
भारी बारिश के अनुमान के बीच दो दिन से तीखी धूप और खंड वर्षा से उमस बढ़ गई है। इस बीच कूलर से भी लोगों को राहत नहीं मिल रही है। मौसम विभाग के जिलेभर में भारी बारिश के पूर्वानुमान के उलट बुधवार को जिले के ज्यादातर इलाकों में सिर्फ बादलों की आवाजाही रही। हालांकि कुछ इलाकों में सुबह के समय बूंदाबांदी हुई, लेकिन जिले के बाकी हिस्सों में लोग बारिश का इंतजार करते रहे। दिन भर लोग गर्मी व उमस से परेशान रहे। बुधवार को दिन में जिले का 34.4 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ गर्म रहे।
मौसम विभाग के मुताबिक गुरुवार को अलग-अलग इलाकों में बूंदाबांदी के आसार हैं। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक के मुताबिक मानसून टर्फ दक्षिण की ओर है, इससे बस्तर के दक्षिणी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के संकेत हैं। बिलासपुर संभाग से बारिश में कमी के आसार हैं। यहां केवल बादल छाए रहेंगे। तीन दिन तक ऐसे ही हालात रहने की संभावना है। फिलहाल झमाझम बारिश होने की संभावना नहीं है। ऐसे में लोगों को अभी फिलहाल गर्मी से परेशान होना पड़ेगा।
शुक्रवार की तरह शनिवार को दिनभर बादल छाए रहे। कहीं-कहीं छिटपुट बारिश हुई। इससे लोगों को दिन भर उमस भरी गर्मी का ऐहसास हुआ। मौसम विभाग के मुताबिक अच्छी बारिश के लिए जिले के लोगों को अभी और इंतजार करना पड़ेगा। जिले का तापमान में 32 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक एचपी चंद्रा के मुताबिक मानसून टर्फ के दक्षिण की ओर खिसकने से छिटपुट बारिश के आसार हैं।
सावन में लोगों को उम्मीद थी कि जोरदार बारिश होगी लेकिन अब तक अच्छी बारिश नहीं हुई है। अब भादो से आस है। पिछले पखवाडे़ भर से बारिश नहीं होने से जिले के किसानों की चिंता की लकीरें बढ़ गई है। हालांकि नहर के आसपास सिचाई हो रही है, लेकिन टेल एरिया में पानी नहीं पहुंचने व अकलतरा क्षेत्र के कई जगह नहर का पानी नहीं पहुंचने से वहां किसान खासे परेशान हैं। खेतों में दरारें पड़ने से फसल बर्बाद होने की चिंता सता रही है। खेत पूरी तरह सूखे हैं, जिसके चलते अभी तक न तो बियासी हुई है और न ही रोपा। ऐसे में अगर दो-चार दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो पैदावार पर खासा प्रभाव पड़ेगा।
Updated on:
16 Aug 2025 06:47 pm
Published on:
16 Aug 2025 06:47 pm
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