
जूल भूमि का पट्टा नहीं होने से लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं
रायगढ़. शहर के करीब आधे हिस्से में लोग नजूल भूमि पर वर्षों से काबिज है, लेकिन नजूल भूमि का पट्टा नहीं होने से लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
ऐसे में कांग्रेसियों ने कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में नजूल भूमि पर काबिज लोगों को पट्टा प्रदान किए जाने की मांग की। वहीं इसके अलावा अभ्यांतर पट्टा का नवीनीकरण किए जाने की भी मांग की।
बताया जा रहा है कि शहर के कई ऐसे मोहल्ले हैं, जो नजूल में स्थित है। इन मोहल्लों में रहने वाले लोग कोई 80 तो कोई इससे भी अधिक वर्षों से निवास कर रहा है, लेकिन नजूल भूमि का पट्टा नहीं मिल सका है। इसकी वजह से केंद्र सरकार के द्वारा चलाए जा रहे आवास योजना का लाभ भी संबंधितों को नहीं मिल पा रहा है। इधर लोगों के द्वारा नजूल भूमि पर पट्टा दिए जाने की मांग लगातार की जा रही है।
पिछले वर्षाे में सुराज अभियान के दौरान भी लोगों के द्वारा नजूल भूमि पर पट्टा दिए जाने की मांग की गई थी, लेकिन लोगों को नजूल भूमि पर पट्टा नहीं मिल सका। खास बात यह है कि केंद्र सरकार के द्वारा मोर जमीन मोर मकान योजना चलाई जा रही है। इस योजना के तहत ऐसे लोग ही इसमें पात्र माने जा रहे हैं,
जिनके पास जमीन का पट्टा है। ऐसे में शहर के कई परिवारों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस बात को लेकर कांग्रेसियों ने कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें नजूल भूमि पर काबिज लोगों को पट्टा प्रदान किए जाने की मांग की। वहीं इसके अलावा अभ्यांतर पट्टा के नवीनीकरण की मांग की।
कांग्रेसियों ने बताया कि सन् 1980 से 1982 के बीच तात्कालीन सरकार के द्वारा अभ्यांतर पट्टा वितरण किया गया था, लेकिन उक्त पट्टा का नवीनीकरण नहीं कराया गया। ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला कांगेे्रस कमेटी शहर अध्यक्ष जयंत ठेठवार, डॉ. राजू अग्रवाल, अनिल शुक्ला, अनिल अग्रवाल, संजय देवांगन, संदीप अग्रवाल, पंकज पटेल आदि शामिल थे।
Published on:
28 Apr 2018 12:36 pm
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