
महादेव बुक के 12 सटोरिए गिरफ्तार, संचालकों के खिलाफ भी अपराध दर्ज, अब बिना वेरीफिकेशन के खाता खोल रहे बैंक वालों पर कसेगा शिंकजा
महादेव बुक के जरिए ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालित करने वाले सौरभ चंद्राकर, कपिल चेलानी, रवि उत्पल और अतुल अग्रवाल के खिलाफ रायपुर पुलिस ने अपराध दर्ज कर लिया है। रायपुर पुलिस की यह पहली कार्रवाई है, जिसमें महादेव बुक के संचालकों के नाम आया है। इसके साथ ही पुलिस ने आंध्रप्रदेश में छापा मारकर महादेव बुक के 12 सटोरियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के पास 15 रजिस्ट्रर मिले हैं, जिसमें करोड़ों रुपए के लेन-देन का हिसाब है।
गिरफ्तार सटोरिए दुर्ग-भिलाई के हैं, लेकिन आंध्रप्रदेश के विजयनगरम में रहकर सट्टा ले रहे थे। दूसरी ओर पुलिस ने अब उन बैंक वालों पर भी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है, जो बिना वेरीफिकेशन के ही बैंक खोल रहे हैं। कुछ बैंक वालों की गड़बडि़यां सामने आई हैं, उन बैंक वालों के खिलाफ भी पुलिस कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है। उल्लेखनीय है कि महादेव एप के खिलाफ रायपुर पुलिस की यह 7वीं बड़ी कार्रवाई है। अब तक कुल 74 सटोरियों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है।
किराए के मकान था अड्डा
पुलिस के मुताबिक तेलीबांधा के अवंति विहार में दुर्ग निवासी वी दिनेश और वी कार्तिक उर्फ सोनू महादेव बुक की आईडी पर क्रिकेट सट्टा बुक कर रहा था। इसकी जानकारी मिलने पर पुलिस ने छापा मारकर दोनों को पकड़ा। पूछताछ में दोनों ने आंध्रप्रदेश के विजयनगरम में महादेव एप की लाइन लेकर सट्टा चलाने का खुलासा किया। इसके बाद पुलिस की एक टीम ने वहां छापा मारकर अंकित चौबे, वी. वेंकटेश, कुशाल अप्पा, एमके मौली, एम वेंकटेश, आयुष भारती, रितिक कुमार गिरी, के राजू , अमन सिंह चौधरी, ए राजू राव को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से 8 लैपटॉप, 23 मोबाइल, 15 रजिस्टर, 10 एटीएम कार्ड-10 और 10 बैंक खाता जब्त किया गया है। आरोपियों को 25-25 हजार रुपए महीना दिया जाता था। और सभी को कपिल चेलानी ने भेजा था।
85 फीसदी मुनाफा जा रहा दुबई
सूत्रों के मुताबिक करीब 3 साल पहले सौरभ चंद्राकर, रवि उत्पल और अन्य ने महादेव बुक के जरिए ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा शुरू किया था। इसकी लाइन लेने वाले को 15 फीसदी लाभ मिलता है, बाकी का 85 फीसदी रकम सौरभ, रवि और उसके साथियों के पास दुबई चला जाता है। चारों दुबई से ही इसको ऑपरेट कर रहे हैं। एक दिन में लाखों लोग महादेव एप में सट्टा लगाते हैं, जिससे करोड़ों रुपए का दांव लगता है। और मुनाफे का 85 फीसदी हिस्सा दुबई पहुंच रहा है। सट्टे के नेटवर्क से दुर्ग-भिलाई और रायपुर के कई सफेदपोश लोग भी जुड़े हैं। उन्हें पुलिस बेनकाब नहीं कर पाई है।
बैंक वालों पर होगी सख्ती
उल्लेखनीय है कि पुलिस ने महादेव एप से जुड़े 1 हजार बैंक खातों का पता लगाया है। अधिकांश बैंक खाते निजी बैंकों के हैं और ऑनलाइन आवेदन के आधार पर ही खोल दिया गया है। बैंक वालों ने इसका फिजिकल वेरीफिकेशन भी नहीं किया है। इसके चलते इन बैंक खातों का इस्तेमाल सट्टे के पैसे के लिए बेधड़क हो रहा है। एएसपी-ईस्ट-क्राइम अभिषेक माहेश्वरी का कहना है कि बैंक वालों की लापरवाही की जांच की जा रही है। बैंक खाता खोलने में अनदेखी करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
Published on:
09 Oct 2022 08:28 pm
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