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रोज स्कूल जाने से 12 साल की लड़की से करता था दुष्कर्म, परिजनों को भेजा था अश्लील वीडियो

संतोष ने इसका वीडियो भी बना लिया। एक दिन उसी अश्लील वीडियों को उसने लड़की के चाचा-चाची को दिखाया। उन्होंने लड़की के मां-बाप को इसकी जानकारी दी, तो वह संतोष के पास पहुंच गए। उन्होंने संतोष से मोबाइल से वीडियो डिलीट करने को कहा। साथ ही लड़की से पूरे मामले की जानकारी ली। फिर मामला सामने आया। इसके बाद परिजन थाने पहुंचे और एफआईआर दर्ज कराई। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने तीन नवंबर को संतोष को गिरफ्तार कर लिया।

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symbolic image of rape with minor in lalitpur by muslim boy

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कोरबा। छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले में 12 साल की लड़की के दुष्कर्मी को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। स्कूल जाती लड़की को रास्ते में रोककर युवक अश्लील वीडियो दिखाकर दुष्कर्म करता था। फिर एक दिन उसी का अश्लील वीडियो लड़की के परिजनों को भेज दिया। युवक और लड़की दोनों एक ही गांव के हैं। मामले की सुनवाई गौरेला की स्पेशल एडीजी कोर्ट में हुई। साथ ही कोर्ट ने पीड़ित छात्रा को समुचित प्रतिकर प्रदान करने का आदेश विधिक सेवा प्राधिकरण को दिया है।

दुष्कर्म कर जान से मारने की धमकी दी
दरअसल, मामला एक नवंबर 2021 को गौरेला क्षेत्र के एक गांव का है। यहां रहने वाली 12 साल की लड़की स्कूल जाती तो गांव का ही रहने वाला संतोष पटेल (33) उसे रास्ते में रोककर सामान मंगवाता था। इस बीच लड़की से गलत हरकत करना शुरू कर दिया। पांच जनवरी 2021 को संतोष ने लड़की को अश्लील वीडियो दिखाया और उससे दुष्कर्म किया। साथ ही किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। इसके चलते लड़की डर गई। इसके बाद से संतोष ने लगातार लड़की से दुष्कर्म करना शुरू कर दिया।

परिजनों ने संतोष से मोबाइल डिलीट करने को कहा
संतोष ने इसका वीडियो भी बना लिया। एक दिन उसी अश्लील वीडियों को उसने लड़की के चाचा-चाची को दिखाया। उन्होंने लड़की के मां-बाप को इसकी जानकारी दी, तो वह संतोष के पास पहुंच गए। उन्होंने संतोष से मोबाइल से वीडियो डिलीट करने को कहा। साथ ही लड़की से पूरे मामले की जानकारी ली। फिर मामला सामने आया। इसके बाद परिजन थाने पहुंचे और एफआईआर दर्ज कराई। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने तीन नवंबर को संतोष को गिरफ्तार कर लिया।

अर्थदंड नहीं देने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास
एडीजे किरण थवाईत ने संतोष पटेल को पाक्सो की धारा 6 के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई, जो कि बाकी प्राकृतिक जीवनकाल के लिए रहेगी। साथ ही एक हजार का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड नहीं देने पर संतोष को छह माह के अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा भुगतनी होगी। शासन की ओर से पैरवी विषेश अतिरिक्त लोक अभियोनक पंकज नगाईच ने की। उन्होंने बताया कि संतोष पटेल के अधिवक्ता नियुक्त करने और विधिक सहायता लेने में इंकार करने पर दूसरे अधिवक्ता की नियुक्ति के चलते सुनवाई में देरी हुई।