
हमसफर की तलाश में 290 गोंड आदिवासी युवक-युवतियों ने दिया परिचय, जुटे परिवार
रायपुर. राजधानी में टिकरापारा गोंड आदिवासी सामाजिक भवन रविवार को परिचय सम्मेलन के नाम रहा। कोरोनाकाल में यह पहला आयोजन था, जहां अनेक जगहों से गोंड आदिवासी समाज के 290 युवक-युवतियों ने सातफेरे के लिए पंजीयन कराया। साथ ही यह संदेश दिया कि सामूहिक आयोजन होने से आज महंगाई के दौर में समय और अधिक खर्चों से बचा जा सकता है। विवाह योग्य युवक-युवतियों का पंजीयन हो जाने से रिश्ते तस करने में समाज के लोगों को काफी आसानी होगी।
क्षेत्रीय छत्तीसगढ़ गोड़ समाज कल्याण समिति गोंडवाना भवन टिकरापारा में हर साल परिचय सम्मेलन आयोजित किया जाता रहा है, लेकिन इस बार मार्च के महीने से कोरोना संक्रमण के खतरे के कारण कोई कार्यक्रम सामूहिक तौर पर नहीं हुआ। अब सामाजिक और धार्मिक कार्यक्रम के लिए ढील मिलने से समाज के लोग स्थगित कार्यक्रम को कुछ पाबंदियों के साथ आयोजित कर रहे हैं। गोंडवाना भवन में कुछ लोगों ने मास्क लगाकर जहां जागरूकता का परिचय दिया। वहीं कई लोग बिना मास्क के भी देखे गए। समाज के प्रदाधिकारियों ने यह भी तय किया कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए ,समाज के युवक-युवतियों का बायोडाटा प्राप्त कर पुस्तिका समाजजनों को उपलब्ध कराई जाएगी।
आयोजकों के अनुसार परिचय सम्मेलन का आयोजन जिला प्रशासन से अनुमति लेकर गाइडलाइन का पालन करते हुए किया गया। आयोजन में 290 युवक-युवतियों ने पंजीयन कराया। वहीं कुछ ने मंच से पढ़ाई लिखाई और परिवार के गोत्र से रूबरू कराया।
समाज का विश्रामगृह भी बनेगा : मंत्री अमरजीत
सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि अमरजीत भगत ने कहा समाज में एक मंच पर आकर रिश्ता तय करने के लिए सम्मेलन की एक अच्छी परंपरा है। इसके माध्यम से समाज में एकता का भी संदेश जाता है। आदिवासी समाज में एकता के सूत्र में बंधे रहने के लिए तथा वर्तमान परिस्थितियों में इस तरह का आयोजन आपसी संपर्क को मजबूत करता है। गोंडवाना विकास समिति द्वारा विश्राम गृह निर्माण कराया जाए। कार्यक्रम में संसदीय सचिव शिशुपाल सोरी व छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज प्रांताध्यक्ष बीपीएस नेताम सहित समाज के युवक-युवतियों के साथ उनके माता-पिता एवं परिजन उपस्थित थे।
Published on:
21 Dec 2020 07:46 pm
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