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Women Reservation Bill : बिल पास होते ही छत्तीसगढ़ में बदल जाएंगे चुनावी समीकरण, 90 में से 30 सीट महिलाओं के लिए होगी आरक्षित

Women Reservation Bill : लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक पेश हो गया है। इसके प्रभावशील होने के बाद छत्तीसगढ़ विधानसभा की 90 में से 30 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हो जाएंगी।

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Women Reservation Bill : बिल पास होते ही छत्तीसगढ़ में बदल जाएंगे चुनावी समीकरण, 90 में से 30 सीट महिलाओं के लिए होगी आरक्षित

Women Reservation Bill : बिल पास होते ही छत्तीसगढ़ में बदल जाएंगे चुनावी समीकरण, 90 में से 30 सीट महिलाओं के लिए होगी आरक्षित

रायपुर. लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक पेश हो गया है। इसके प्रभावशील होने के बाद छत्तीसगढ़ विधानसभा की 90 में से 30 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हो जाएंगी। वर्तमान में एसटी वर्ग के लिए 29 और एससी वर्ग के लिए 10 सीटें आरक्षित है। माना जा रहा है कि इस विधेयक के लागू होने से पहले लोकसभा और विधानसभा की सीटों का परिसीमन होगा।

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इससे लोकसभा और विधानसभा सीटों की संख्या भी बढ़ सकती है। हालांकि छत्तीसगढ़ में नवम्बर में होने वाले विधानसभा चुनाव में महिलाओं को आरक्षण का लाभ मिलना थोड़ा मुश्किल नजर आ रहा है। फिर भी राजनीतिक दल महिलाओं को विशेष प्राथमिकता दे रहे हैं। यही वजह है कि वर्तमान में 90 में से 16 महिला विधायक है। छत्तीसगढ़ की विधानसभा में सबसे अधिक महिला विधायकों की संख्या है।

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कांग्रेस ने 12 व भाजपा ने 14 को दिया था टिकट

वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 12 और भाजपा ने 14 महिला उम्मीदवारों को चुनाव मैदान में उतरा था। इनमें से कांग्रेस से 10 और भाजपा से एक महिला विधानसभा का चुनाव जीती थी। इसके अलावा बसपा से पांच और जकांछ ने तीन उम्मीदवार उतारे थे।

पंचायतों और निकायों में 50 फीसदी आरक्षण

छत्तीसगढ़ में त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव में महिलाओं को 50 फीसदी आरक्षण दिया जाता है। करीब दो साल पहले राज्य सरकार की कैबिनेट ने नगरीय निकायों में भी 50 फीसदी आरक्षण देने का फैसला लिया था। राज्य निर्वाचन आयुक्त डॉ. ठाकुर राम सिंह कहते हैं, हमने पंचायतों का चुनाव 50 फीसदी आरक्षण के हिसाब से करवाया था।

2024 के चुनाव में महिला आरक्षण लागू हो: बैज

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा, मोदी सरकार के द्वारा पेश महिला आरक्षण बिल एक चुनावी जुमला है। कांग्रेस इस बिल की पक्षधर है यह हमारा अपना बिल है। महिला आरक्षण 2024 के चुनाव में लागू हो जाना चाहिए। यह देश की करोड़ों महिलाओं और लड़कियों की उम्मीदों के साथ बड़ा विश्वासघात है। बिल पास होने के बाद भी आरक्षण के लिए इंतजार करना पड़ेगा। मोदी सरकार द्वारा पेश विधेयक में कहा गया है कि महिला आरक्षण अगली जनगणना के प्रकाशन और उसके बाद की परिसीमन प्रक्रिया के बाद प्रभावी होगा।

आने वाले समय बढ़ेंगी विधानसभा की सीटें

छत्तीसगढ़ में अभी तक एक बार ही परिसीमन हुआ है। इसमें 21 विधानसभा सीट समाप्त हुई थी और 21 नई विधानसभा की सीटें अस्तित्व में आईं थीं। इस प्रकार विधानसभा की कुल सीटें 90 ही रही। अब परिसीमन जनगणना के बाद होगा। संभावना है कि परिसीमन का काम वर्ष 2026 के बाद ही शुरू हो पाएगा। माना जा रहा है कि परिसीमन के बाद विधानसभा की सीट 120 से 130 तक हो सकती है।

विधानसभा के पूर्व प्रमुख सचिव चन्द्र शेखर गंगराड़े का कहना है कि अब जब कभी भी परिसीमन होगा तो विधानसभा की सीटों की संख्या बढ़ेगी। हालांकि अभी यह कहना मुश्किल होगा कि सीटें कितनी बढ़ सकती है। सीटें बढ़ाने के लिए अलग-अलग पैमाना तय होता है।बता दें कि प्रदेश में लगातार जिलों की भी संख्या बढ़ती जा रही है।

हर दल की महिलाओं का प्रतिनिधित्व

छत्तीसगढ़ की विधानसभा में इस बार विधानसभा पहुंचने वाले हर राजनीतिक दल से महिला विधायक मौजूद हैं। इसमें सबसे अधिक 13 विधायक कांग्रेस से है। इसके अलावा भाजपा से रंजना डीपेन्द्र साहू, बसपा इंदू बंजारे और जनता कांग्रेस से डॉ. रेणु जोगी शामिल हैं। बता दें कि तीन उपचुनाव में कांग्रेस ने महिला उम्मीदवारों पर भरोसा जताया था। तीनों महिला उम्मीदवार चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचीं हैं।

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