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Medical College: फरवरी में डॉक्टरों के प्रमोशन की संभावना, 125 असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती पर देरी, जानिए क्या है वजह

Medical College: प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों के लिए 125 असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती की जाएगी। इसके लिए सीजीपीएससी ने पिछले साल नवंबर से दिसंबर तक ऑनलाइन आवेदन मंगाए थे। अभी इंटरव्यू का शेड्यूल जारी नहीं किया गया है। इंटरव्यू होने के बाद पोङ्क्षस्टग आदेश में ज्यादा समय नहीं लगेगा। डॉक्टरों की भर्ती होने से […]

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Medical College (Photo source- Patrika)

Medical College (Photo source- Patrika)

Medical College: प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों के लिए 125 असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती की जाएगी। इसके लिए सीजीपीएससी ने पिछले साल नवंबर से दिसंबर तक ऑनलाइन आवेदन मंगाए थे। अभी इंटरव्यू का शेड्यूल जारी नहीं किया गया है। इंटरव्यू होने के बाद पोङ्क्षस्टग आदेश में ज्यादा समय नहीं लगेगा। डॉक्टरों की भर्ती होने से खासकर 5 नए प्रस्तावित व पुराने मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी की कमी दूर करने में मदद मिलेगी।

सीजीपीएससी ने पिछले साल 25 नवंबर से 24 दिसंबर तक डॉक्टरों की भर्ती के लिए आवेदन मंगाए थे। आवेदन मंगाए एक माह से ज्यादा हो चुका है, लेकिन इंटरव्यू का शेड्यूल जारी नहीं होने से भर्ती में देरी हो रही है। दरअसल इंटरव्यू जिस दिन होता है, उसी दिन रिजल्ट घोषित कर दिया जाता है। इसके लिए विषयवार विशेषज्ञों की टीम बनाई जाती है, जिसमें ज्यादातर मेडिकल कॉलेजों के सीनियर प्रोफेसर होते हैं। वे डॉक्टरों का इंटरव्यू लेते हैं।

लिखित परीक्षा नहीं होती, क्योंकि डॉक्टर एमडी-एमएस या डीएम-एमसीएच, डीएनबी डिग्रीधारी होते हैं। डॉक्टरों की नियमित भर्ती जून 2022 के बाद की जा रही है। चिकित्सा शिक्षा विभाग ने जुलाई में ही नियमित भर्ती का प्रस्ताव बनाकर पीएससी को भेज दिया था। पीएससी की ओर से आवेदन मंगाने में देरी हुई।

न प्रमोशन, न प्रोबेशन पीरियड खत्म कर रहे

राज्य शासन मेडिकल कॉलेजों में पदस्थ डॉक्टरों का न प्रमोशन कर रहा है और न प्रोबेशन पीरियड खत्म कर रहा है। इससे डॉक्टरों में असंतोष है। हालांकि चिकित्सा शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों का कहना है कि जिन डॉक्टरों की सीआर कंपलीट हो चुकी है, उनके प्रमोशन के लिए पीएससी को प्रस्ताव बनाकर भेजा जा रहा है।

फरवरी में संभवत: डॉक्टरों का प्रमोशन कर दिया जाएगा। पीएससी 35 विभागों के क्लीनिकल, नॉन क्लीनिकल व सुपर स्पेशलिटी विभागों में डॉक्टरों की भर्ती कर रहा है। प्रदेश में असिस्टेंट प्रोफेसरों के 332 पद खाली है, लेकिन आधे से कम पदों पर भर्ती पर सवाल उठ रहे हैं। 72 से ज्यादा असिस्टेंट प्रोफेसरों का प्रोबेशन पीरियड खत्म नहीं हुआ है इसलिए वे अभी एसोसिएट प्रोफेसर में प्रमोशन के लिए पात्र नहीं है।

नेहरू मेडिकल कॉलेज में लंबे समय से जमे हुए हैं डॉक्टर

नेहरू मेडिकल कॉलेज के अलावा सिम्स बिलासपुर में कई डॉक्टर 20-22 साल से जमे हुए हैं। उनका अब तक एक भी ट्रांसफर नहीं हुआ है। इस बार नए मेडिकल कॉलेजों में कुछ सीनियर डॉक्टरों का ट्रांसफर किया जा सकता है। प्रदेश में प्रोफेसरों के 117 व एसोसिएट प्रोफेसरों के 196 पद खाली है। चूंकि ये प्रमोशन वाले पद हैं इसलिए सीधी भर्ती नहीं की जा सकती। सीनियर प्रोफेसरों को डायरेक्टर प्रोफेसर पद पर प्रमोशन दिया जाएगा।

इस साल प्रदेश में 5 सरकारी मेडिकल कॉलेज कवर्धा, जांजगीर-चांपा, मनेंद्रगढ़, गीदम व जशपुर में खोला जाएगा। वहां के लिए सेटअप तय हो गया है, लेकिन भर्ती नहीं की जा रही है। कॉलेज खोलने के बाद दूसरे मेडिकल कॉलेजों से असिस्टेंट प्रोफेसरों व अन्य फैकल्टी की भर्ती की जाएगी। तब फिर से भर्ती की जरूरत पड़ेगी।

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