
क्विज की विजेता टीम को पुरस्कृत करते निदेशक डॉ. नितिन एम नागरकर, प्रो. आलोक चंद्र अग्रवाल और अन्य अधिकारी।
रायपुर. राजधानी के एम्स के हड्डी रोग विभाग की ओपीडी में औसतन 250 रोगियों में से प्रतिदिन 150 रोगी ऑस्टियोपोरोसिस (हड्डी रोग) से पीडि़त होते हैं। इसमें हड्डियों के कमजोर हो जाने की वजह से चलना-फिरना मुश्किल हो जाता है। छोटी दुर्घटना पर भी कमजोर हड्डी में फै्रक्चर होने की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में विशेषज्ञों ने सभी से कैल्शियम युक्त आहार प्रतिदिन प्रचुर मात्रा में ग्रहण करने का अनुरोध किया है।
वल्र्ड ऑस्टियोपोरोसिस डे पर गत दिवस एम्स के हड्डी रोग विभाग के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में निदेशक डॉ. नितिन एम नागरकर ने ऑस्टियोपोरोसिस पर अधिक से अधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने पर जोर दिया। विभागाध्यक्ष प्रो. आलोक चंद्र अग्रवाल ने बताया कि 50 से अधिक उम्र में हड्डियों के कमजोर हो जाने की संभावना बढ़ जाती है। महिलाओं में पोस्ट मीनोपॉज के बाद ऑस्टियोपोरोसिस की बीमारी अधिक पाई गई है। इससे हड्डियों में कमजोरी आ जाती है, घुटनों, जोड़ों में दर्द शुरू हो जाता है और शारीरिक असंतुलन की वजह से चलना-फिरना भी मुश्किल हो जाता है। उन्होंने खाने में ज्यादा से ज्यादा हरी सब्जियों जैसे पालक आदि का प्रयोग करने पर जोर दिया।
प्रतियोगिता के विजेता पुरस्कृत
कार्यक्रम में चिकित्सा छात्रों के लिए आयोजित क्विज में एम्स के विपेंद्र सिंह राजपूत और थॉमस सीरियेक की टीम को प्रथम पुरस्कार मिला। इसमें रायगढ़, जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कालेज और सिम्स की टीमों ने भाग लिया।
Published on:
22 Oct 2020 06:03 pm
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