प्रदेश में एक घंटे के अंदर स्तनपान की दर मात्र 47.1 फीसदी
रायपुर. प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी अगस्त माह का प्रथम सप्ताह विश्व स्तनपान सप्ताह के रूप में मनाया जा रहा है। यह सर्वविदित है कि शिशु के लिए स्तनपान सर्वोत्तम आहार और शिशु का मौलिक अधिकार है। 1 से 7 अगस्त तक मनाए जा रहे सप्ताह का थीम 'सपोर्ट ब्रेस्टफीडिंग फॉर ए हेल्थीअर प्लानेटÓ है जो इस बात पर जोर देती है कि स्वस्थ और सेहतमंद विश्व के लिए स्तनपान का समर्थन करना बहुत जरूरी है। मां का दूध (जिसे पहला टीका भी कहा जाता है) खुद में एक पूर्ण आहार है, जो 6 माह तक शिशु को डायरिया, निमोनिया और कुपोषण से बचाने और स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है। राज्य बाल रोग व टीकाकरण अधिकारी डॉ.अमर सिंह ठाकुर ने बताया कि जिन शिशुओं को 1 घंटे के अंदर स्तनपान नहीं कराया जाता, उनमें मृत्यु दर की संभावनाएं 33 फीसदी बढ़ जाती है। नेशनल फेमिली हेल्थ सर्वे-४ के अनुसार प्रदेश में 1 घंटे के अंदर स्तनपान की दर मात्र 47.1 फीसदी है। चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी और समुदाय स्तर पर स्तनपान के व्यवहार को बढ़ावा देने के लिए अत्याधिक प्रयास किया जा रहा है।