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पंच चुनाव हारने पर हंसिए से काट डाला था खुद का हाथ, डॉक्टरों ने सात घंटे सर्जरी कर जोड़ा

छत्तीसगढ़ के पंचायत चुनाव में पंच का चुनाव हार गई एक महिला 8 फरवरी को अपना हाथ काटकर फांसी पर झूल गई थी। परिजनों ने महिला को फंदे से उताकर अस्पताल पहुंचाया। जहां उसकी जान बच गई। रायपुर के डीकेएस अस्पताल के डॉक्टरों ने सात घंटे तक सर्जरी से दो टुकड़े हो चुके महिला के हाथ को भी जोड़ दिया है। डीकेएस में यह कटे हुए हाथ की यह पहली सर्जरी है।

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पंच चुनाव हारने पर हंसिए से काट डाला था खुद का हाथ, डॉक्टरों ने सात घंटे सर्जरी कर जोड़ा

पंच चुनाव हारने पर हंसिए से काट डाला था खुद का हाथ, डॉक्टरों ने सात घंटे सर्जरी कर जोड़ा

रायपुर. दिल दहलाने वाली यह घटना राजधानी से लगे आरंग ब्लॉक के कुकरा गांव की है। यहां की निवासी कमला साहू (45) पंच के चुनाव के लिए खड़ी हुई थीं। मगर वह चुनाव हार गई। कमला के पति विजेंद्र साहू का कहना है कि आठ फरवरी की सुबह 4:30 बजे वह उठी। घर के पास झाडिय़ों में उसने हंसिए से अपना हाथ काट लिया। इसकी वजह से कलाई से उसका हाथ पूरी तरह अलग हो गया। बाद में वह पेड़ पर फंदे में झूल गई। विजेंद्र ने बताया, पत्नी को कमरे में न पाकर उन्होंने बेटे शांतनू के साथ उसे ढूंढना शुरू किया। झाडिय़ों के बीच आवाज के आधार पर वे लोग वहां पहुंचे। फंदा काटकर कमला साहू को नीचे उतारा और 108 एंबुलेंस को फोन किया। एंबुलेंस कर्मियों की सलाह पर उन लोगों ने झाडि़यों से हाथ का कटा हुआ हिस्सा ढूंढा। उसे लेकर वे लोग रायपुर के डीकेएस सुपरस्पेशिलिटी अस्पताल पहुंचे। अस्पताल के उप अधीक्षक डॉ. हेमंत शर्मा ने बताया, कमला जब पहुंची तो उसका ब्लड प्रेशर तेजी से कम हो रहा था। हिमोग्लोबिन आठ ग्राम ही रह गया था। प्लास्टिक सर्जन डॉ. केएन ध्रुव, ऑथोसर्जन डॉ. ए. तिवारी और एनिस्थिसियोलॉजिस्ट डॉ. रूपेश की संयुक्त टीम गठित की गई। महिला के पति विजेंद्र का कहना था, कमला बहुत जल्दी आक्रामक हो जाती है। उसका मनोरोग का इलाज भी चल रहा है।

पुलिस को सूचना ही नहीं
किसी महिला का हंसिए से खुद का हाथ काटकर अलग कर देने के बाद फांसी लगा लेने की घटना संदिग्ध लग रही है। मंदिर हसौद थाने और डीकेएस अस्पताल चौकी को इस घटना की सूचना तक नहीं मिली है। मंदिर हसौद थाना प्रभारी नरेश कुमार कांगे ने कहा, उनके थाने में एेसी कोई जानकारी नहीं है।

देर होने पर नहीं जुड़ता हाथ
प्लास्टिक सर्जन डॉ. केएन ध्रुव ने बताया कि यह चुनौतीपूर्ण सर्जरी थी। घटना के करीब छह घंटे बाद कमला को अस्पताल लाया गया था। घटना के छह घंटे के अंदर कटे हुए अंग को जोड़ा जा सकता है। भले ही वक्त गुजर गया था, मगर हमने ऑपरेशन प्लान किया। 8 फरवरी की सुबह 11:30 बजे कमला को ऑपरेशन थिएटर में ले जाया गया। हड्डी, नसों और तंतुओं को जोड़ा गया।

कभी हो ऐसा हादसा तो इन बातों का रखें ध्यान
- कटे हुए अंग को अ'छे से धोकर बर्फ में रखकर अस्पताल ले जाएं।
- पूरी कोशिश होनी चाहिए कि छह घंटे से पहले-पहले अस्पताल पहुंच जाएं। ऐसे अस्पताल जहां पर प्लॉस्टिक सर्जन सेवारत हों। क्योंकि सर्जरी प्लास्टिक सर्जन ही कर सकते हैं।