रायपुर . संत शंभूशरण लाटा महाराज ने भगवान श्रीराम के जन्म प्रसंग का सुंदर चित्रण किया। उन्होंने कहा कि उम्र बीती जा रही, न जाने और कितने नववर्ष का इंतजार करेंगे लेकिन तृष्णा में लिप्त मनुष्य प्रभु के भजन का संकल्प मन में नहीं ले पा रहा है। अच्छे कर्मों से उम्र बढ़ती है जो धर्म को नहीं जानता वह भगवान से नहीं डर रहा है। इसलिए आज भ्रष्टाचार बढ़ गया। मनुष्य जब दानव बन जाता है तब नारायण को नर रूप में अवतार लेना पड़ता है।
इंडोर स्टेडियम परिसर भगवान के जन्म प्रसंग पर झूम उठा लाटा महराज ने बताया कि जब जब संसार की हानि हुई है तब तब भगवान ने अवतार लिया है। निर्गुण निराकार होते हुए भी वे साकार रूप में सुख देने के लिए संसार में आए । भक्ति तो वह है जिसमें न नहीं होता इसलिए कहा गया न गलत चाहता, न सही चाहता तूम जो चाहते वो वहीं चाहता हूं। सबकी डोर भगवान के हाथ है।
नंद के आनंद भयो.. गीत पर जमकर थिरके मंत्री
भगवान श्रीराम के जन्म प्रसंग का सुंदर चित्रण प्रसंग को सुनने बैठे कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल श्रद्धालुओं के साथ झूम उठे। इस दौरान संत शंभूशरण लाटा महाराज ने श्रीराम भगवान के जन्म के साथ साथ श्रीकृष्ण के जन्म पर सुंदर गाना प्रस्तुत किया। नंद के आनंद भयोग गीत पर मंत्री बृजमोहन अपने पाव रोक नहीं पाए और जमकर थिरके।