हाई कोर्ट ने 15 दिन के भीतर माँगा है जवाब, मंतूराम पवार वॉइस सैंपल देने पहुंचे एसआईटी दफ्तर, पूर्व मुख्यमंत्रियों पर लगाए गंभीर आरोप

Antagarh Tape Case: हाईकोर्ट ने अजीत, अमित, पुनीत और मंतूराम को जारी किया था नोटिस, 15 दिन में मांगा जवाब, पवार पहुंचे वॉइस सैंपल देने एसआईटी दफ्तर।

By: Bhupesh Tripathi

Published: 03 Dec 2019, 02:01 PM IST

रायपुर । प्रदेश के बहुचर्चित अंतागढ़ टेप कांड में हाईकोर्ट के निर्देश के बाद मंगलवार को टेप कांड आरोपी मंतूराम पवार वॉइस सैम्पल देने अपने वकीलों के साथ एसआईटी दफ्तर पहुंचे है। आपको बता दें पवार अपने वकीलों के मौजूदगी में एसआईटी अफसरों के सामने अपना वॉइस सैंपल रिकॉर्ड कराएँगे। दफ्तर में टीम के सदस्य अभिषेक माहेश्वरी और सिविल लाइन टीआई सुशांतो बनर्जी भी मौजूद है। यह सैंपल लेकर एसआईटी टेप कांड के हुए बात चीत के आवाज से मिलान करेगी कि उसमे पवार की आवाज है या नहीं ।

इस दौरान मंतूराम ने मीडिया से बात करते हुए एक बार फिर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह और अजीत जोगी के ऊपर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि एसआईटी के माध्यम से मेरे पास नोटिस आया है। मैं स्वयं की इच्छा से कानून का सहयोग कर रहा हूं, क्योंकि अंतागढ़ प्रकरण मैं मेरे ऊपर भी बहुत सारे आरोप पहले से लगा हुआ है। मैं चाहता हूं दूध का दूध और पानी का पानी हो।

मंतूराम पवार ने कहा इस केस में जिस जिस का नाम है,चाहे पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह के दमाद डॉ पुनीत गुप्ता का हो चाहे पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी और उनके बेटे अमित जोगी का हो। सारे लोगों को बिना कहे इस प्रकरण को जल्दी से जल्दी कानूनी रूप देने के लिए निराकरण करने के लिए एसआईटी के सामने आकर सहयोग करना चाहिए।

मंतूराम ने कहा कि मैं देख रहा हूं पिछले समय से पीछे ही रहने की कोशिश हो रही है। एसआईटी और न्यायालय को सहयोग नही किया जा रहा। इसका मतलब दाल में काला नहीं दाल ही पूरी काली है। इनके ऊपर मेरा आरोप है इन लोगों ने मंतूराम पवार को नाम वापसी के लिए भी मजबूर कर लिया मैं भाजपा में चला गया वहां भी डरा धमकाकर 5 साल तक डॉक्टर रमन सिंह ने रखा। आज खरीदी बिक्री में भी मेरा डायरेक्ट आरोप है रमन सिंह और अजीत जोगी की इसमें अहम भूमिका है। ऐसी स्थिति है तो इन लोग वॉइस देने क्यों नहीं आ रहै है। अपनी बात को स्पष्ट क्यों नहीं कर रहे हैं ?

टेप में क्या था
उपचुनाव के कुछ महीने बाद एक ऑडियो टेप सामने आया। इसमें मंतूराम पवार को हटाने के लिए कथित सौदेबाजी की बात सामने आई। टेप के आधार पर पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी, उनके पुत्र अमित जोगी और तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह के दामाद डॉ. पुनीत गुप्ता पर आरोप लगे।

यह हुआ था अंतागढ़ में
2014 में कांकेर की अंतागढ़ विधानसभा सीट पर उपचुनाव हुआ। भाजपा ने भोजराज नाग और कांग्रेस ने मंतूराम पवार को प्रत्याशी बनाया। पवार ने अंतिम समय में नामांकन वापस लेकर कांग्रेस को मैदान से बाहर कर दिया। कांग्रेस ने भाजपा पर उनके प्रत्याशी को खरीदने का आरोप लगाया। भाजपा ने इस आरोप को खारिज किया था। बाद मे मंतूराम भाजपा में शामिल हो गए।

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