
रायपुर मेें ट्रांसफार्मर गोदाम में आगजनी: एक चूक...करोड़ों के उपकरण राख में तब्दील, लोग रात में सो नहीं पाए दिनभर होते रहे परेशान
ट्रांसफार्मर, वॉयर, कंडक्टर जलने से करीब 200 करोड़ की क्षति
एक लाख लीटर से ज्यादा ट्रांसफार्मर ऑयल जलाए उसी से मची तबाही
किसी ने छत में तो किसी ने घर के बाहर लगाया बिस्तर
कूलर और पंखा भी नहीं कम कर पाया गर्मी
घरों से बाहर गेट में बैठकर बिताया दिन
रायपुर. छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी (सीएसपीडीसीएल) के ट्रांसफॉर्मर गोदाम में एक चूक के चलते हुई भीषण आगजनी से करोड़ों रुपए के उपकरण जलकर खाक हो गए। आग बुझने के बाद गोदाम में चारों ओर राख और जले उपकरण का मलबा ही बचा था। सीएसपीडीसीएल के अधिकारी वास्तविक नुकसान के बारे में कुछ बता नहीं पा रहे हैं। जलने वाले ट्रांसफार्मरों में कितने नए और कितने पुराने हैं, कंडम सामान कितना है आदि के बारे में कुछ बता नहीं पा रहे हैं। जले हुए ट्रांसफॉर्मरों, वायर व अन्य सामान से करीब 200 करोड़ की क्षति की आशंका है। दूसरी ओर, गोदाम के आसपास रहने वालों की पूरी रात परेशानी में कटी। बिजली सप्लाई बाधित होने और ऊपर से गर्मी अधिक होने से लोगों परेशान होते रहे। किसी ने घर की छत में तो किसी ने आंगन में ही बिस्तर लगाया। कई लोग रात भर सो भी नहीं पाए।
सुरक्षा इंतजाम पर्याप्त नहीं
गोदाम में ज्वलनशील ऑयल] वॉयर] कंडक्टर आदि सामान होने के बाद भी फायर फाइटिंग सिस्टम, पानी की व्यवस्था आदि सुरक्षा उपाय नहीं थे। कुछ ही दूर में फायर स्टेशन बनाने का प्रस्ताव लंबे समय से है। बिल्डिंग बनकर तैयार है, लेकिन उसमें फायरब्रिगेड की गाडिय़ां नहीं लगाई जा रही है।
सुबह 4 बजे तक कलेक्टर-एसएसपी लगे रहे
आग बुझाने के लिए घटना स्थल पर कलेक्टर-एसएसपी सुबह 4 बजे तक तैनात रहे। अपनी निगरानी में रेस्क्यू ऑपरेशन संपन्न कराया। शनिवार को भी दिनभर कलेक्टर समेत कई प्रशासनिक अधिकारी घटनास्थन पर उपस्थित रहे और राहत कार्यों का जायजा लिया। घटनास्थल के गेट के पास टेंट लगाकर एक प्राथमिक चिकित्सा के लिए डाक्टर व नर्सों की टीम भी दिनभर बैठी रही।
20 मिनट देरी...तो आधा शहर होता ब्लैकआउट
भीषण आगजनी में शुक्रवार की रात बिजली सब स्टेशन में आग लगने से बच गई। फोम वाली अग्निशमन गाड़ी 20 मिनट और देरी से पहुंचती, तो आग सब स्टेशन में लगे 40-40 एमवीए के तीन ट्रांसफॉर्मरों तक पहुंच जाती। इससे शहर के आधे हिस्से में ब्लैकआउट हो जाता। हालांकि इसे रोकने के लिए जेसीबी से जमीन को खोद दिया गया था, जिससे दूसरे ट्रांसफार्मरों से निकलने वाला ऑयल वहीं पर रूक गया था। इसके बावजूद सबस्टेशन के दो 100-100 केवी डिस्ट्रीब्शन ट्रांसफार्मर, 33केवी के दो केबल और 100 मीटर एमबीए केबल जलकर खराब हो गए। इससे सब स्टेशन में भी 8 लाख रुपए का नुकसान हुआ है।
आगजनी की जांच करेगी ये टीम
भीम सिंह कंवर (कार्यपालक निदेशक), संदीप वर्मा (कार्यपालक निदेशक), यशवंत शिलेदार (अति. मुख्य अभियंता), गोपाल मूर्ति (अतिरिक्त महाप्रबंधक वित्त), श्रीनिवास राव (मुख्य सुरक्षा अधिकारी), डीडी चौधरी (अधीक्षण अभियंता)।
साजिश-घोटाला भी है जांच का एंगल
सीएसपीडीसीएल की ओर से आगजनी की जांच के लेकर गठित टीम सभी पहलुओं को लेकर जांच करेगी। इसमें साजिश और घोटाले की आशंका के एंगल की भी जांच की जाएगी। जांच समिति के प्रमुख भीम सिंह कंवर ने बताया कि समिति आज बनी है। सोमवार से जांच शुरू कर देंगे। सभी बिंदुओं को केंद्र में रखकर जांच की जाएगी।
जांच के केंद्र बिंदु
-आग लगने के कारणों के संबंध में
-दुर्घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारी/कर्मचारी/ एजेंसी के संबंध में
-दुुर्घटना से कंपनी को वित्तीय व भौतिक रूप से क्षति का आंकलन
-भंडार गृह के संचालक के लिए वैकल्पिक व्यवस्था के संबंध में सुझाव
-भविष्य में इस प्रकार की व अन्य दुर्घटना के रोक के लिए सुझाव
गर्मी से दिनभर परेशान रहे लोग
गोदाम की आगजनी से आसपास रहने वाले लोग दूसरे दिन भी दिनभर गर्मी से परेशान रहे। आग की तपिश के कारण लोग घरों के अंदर जाने से बचते रहे। गेट में ही बैठकर पूरा दिन बिताया। वहीं, जिन घरों की छत की टंकियां आग से खराब हो गईं थीए उन्हें बदलवाते नजर आए। लोगों का कहना है कि घर के अंदर शनिवार को भी काफी गर्मी थी।
आधी रात तक बिजली बंद
आगजनी के चलते कृष्णानगर, कोटा, गुढिय़ारी क्षेत्र में बिजली सप्लाई बंद थी। लोगों ने सड़कों और छतों पर अपनी रात बिताई। राजकुमार ने बताया कि वे आग लगने से अपनेे रिश्तेदार के यहां चले गए थे। सुबह लौटे। इलाके में सुबह 6 बजे बिजली सप्लाई बहाल हो पाई।
भिलाई से होगी वैकल्पिक व्यवस्था
विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आगजनी से बिजली ट्रांसफार्मर जैसे अहम उपकरण जलने से शहर की बिजनी सप्लाई बाधित नहीं होने दिया जाएगा। जरूरत पडऩे पर भिलाई से उपकरण की तत्काल सप्लाई कराई जाएगी। शनिवार को भी सब स्टेशन के दो ट्रांसफार्मर जलने पर भिलाई से सुबह ही मंगवाकर बदलवाया गया। उल्लेखनीय है कि गोदाम में 25 केवी से लेकर 5 एमवीए पावर के ट्रांसफार्मरए वायरए कंडक्टर थे। इनकी सप्लाई रायपुर समेत जयपुरए पंजाब और हैदराबाद से होती है। रायपुर से केवल 200 केवी तक के ही ट्रांसफार्मर मंगाए जाते हैं।
प्रभावितों को दी आर्थिक सहायता
आगजनी से प्रभावित लोगों को प्रशासन की ओर से आर्थिक सहायता दी गई। कलेक्टर ने 40 परिवारों में 9-9 हजार रुपए की सहायता राशि बांटी। इसके अलावा गोदाम के दीवार से लगे लगभग 40 घरों में नई पानी टंकियां बांटी गई। दरअसल आगजनी से ये टंकियां फट गई थी।
वर्जन
दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही
दुर्घटना के कारणों और नुकसान के आकलन के लिए जांच समिति गठित कर दी गई है। समिति किसी प्रकार की साजिश को ध्यान में रखकर भी जांच करेगी। लापरवाही की पाए जाने पर संबंधित अधिकारी और कर्मचारी पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
आरके शुक्ला, एमडी, सीएसपीडीसीएल
उम्मीद ही नहीं था घर बच जाएगा
आग इतनी भीषण थी कि हमें लग ही नहीं रहा थी घर बच जाएगा। हम लोग घर में रखे पैसे लेकर बाहर भाग आए। पुलिस कर्मियों और नगर निगम ने हमारे घरों ने रखे गैस सेलेंडर को बाहर कराया और यहां से दूर ले जाने का कहा। घरों में पूरी तरह से धुआं भर गया था। पूरे मोहल्ले के लोग घर खाली कर दिए थे। सुबह आगजनी रुकने से हमारे जान को रोहत मिली। स्थानीय नेताओं और प्रशासन ने हमारी परिवार व घरों को बचाने में बहुत मदद की।
सुरेश सेन, गोदाम के पास रहने वाला रहवासी
भयंकर आग देखकर बाहर भागे
गोदाम में लगी आगे से चारों तरफ गोला-गोला आग और धुआं दिखने लगा। हम लोग घबराकर घरों को बंदकर बाहर की ओर भागे। सुरक्षाकर्मियों ने गैस सिलेंडर की टंकियों को बाहर निकलवा दिया। आग इतनी विकराल दिख रही थी, कि हमें अपना घर बचाना मुश्किल लग रहा था। जब आग थोड़ी शांत हुई तो रात 7 बजेे तक घर वापस आए। लेकिन बिजली सप्लाई बाधित होने के कारण रातभर पर नहीं सोए। घर में खाना भी नहीं बनाए। हालांकि, नेताओं ने खाने का पैकेट यहां बांटा, जिससे मदद मिली।
मुन्नी साहू, गोदाम के पास बस्ती में रहने वाली रहवासी
Published on:
07 Apr 2024 12:09 am
बड़ी खबरें
View Allरायपुर
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
