
Neem Hakimon action, ran up dispensary
दानपुर और छोटी सरवन क्षेत्र में नीम हकीमों और बंगाली डॉक्टरों के दवाखानों को लेकर शिकायत पर मंगलवार को तहसीलदार और दानपुर थानाधिकारी ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए क्षेत्र के 17 नीम हकीमों के ठिकानों पर दबिशें दी। इस कार्रवाई के बाद रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेज दी गई।
नहीं मिले दस्तावेज, कहीं जगहों पर ताले...
तहसीलदार संजय चरपोटा ने बताया कि प्राप्त शिकायत के आधार पर मंगलवार सुबह दानपुर थानाधिकारी सुरेन्द्र सिंह सोलंकी, डॉ. अर्जुनलाल डिंडोर, डॉ. प्रदीप कुमार शर्मा और थाने के जाब्ते के साथ कार्रवाई शुरू की। दानपुर, छोटी सरवन और कटुंबी कस्बों में प्रशासन ने रमेश शर्मा, डॉ.गोयल, दिलीप व्यास, अपूर्वा डोडियार, विजयसिंह, नानूराम, सुरेश, धन्नालाल डोडियार, उत्तम बंगाली, प्रदीप कुमार, संजय तिवारी, सपन विश्वास, सदानन, किशोर विश्वास, सुरेश जिनकर के आदि के वहां दबिशें दी।
अधिकांश जगहों पर नीम हकीम कार्रवाई की सूचना मिलते ही अपने ठिकानों पर ताले लगाकर भाग निकले, लेकिन जब अंदर देखा तो मरीजों को ड्रिप चढ़ाई रही थी। एेसे में ताले खुलवाकर तत्काल एम्बुलेंस के माध्यम से मरीजों को सरकारी अस्पतालों में ले जाकर भर्ती कराया गया। इन नीम हकीमों के पास सर्टिफिकेट और अन्य दस्तावेज भी नहीं मिले। कार्रवाई की रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है।
नर्सिंग छात्रों ने की थी शिकायत...
इस संबंध में 27 जनवरी को राजस्थान नर्सिंग छात्र संघ बांसवाड़ा की आेर से तहसीलदार को शिकायत भेजी गई थी, जिसमें क्षेत्र में झोलाछाप डॉक्टरों द्वारा अशिक्षित और गरीब जनता को इलाज के नाम पर ठगने की बात कही गई थी। ये नीम हकीम इलाज करने के नाम पर 500 से 1000 रुपए वसूल रहे हैं। इस संबंध में शिकायत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को भी की गई थी, लेकिन कोई जांच नहीं हुई।
Published on:
08 Feb 2017 12:11 pm

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