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गरियाबंद जिले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का बुरा हाल

तय मापदंडों की अनदेखी, नवनिर्मित सड़कों में पड़ रहीं दरारें

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गरियाबंद जिले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का बुरा हाल

गरियाबंद जिले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का बुरा हाल

गरियाबंद. पारा, टोला, मोहल्ला और आबादी क्षेत्र को पक्की सड़क से जोडऩे वाली प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का जिले में बुरा हाल है। इस वर्ष नई पक्की सड़क और पुराने जर्जर सड़कों के निर्माण के लिए शासन द्वारा विभाग को करोड़ों रुपए की राशि गरियाबंद जिले को प्राप्त हुई। लेकिन, गुणवत्तहीन निर्माण कर शासन को लाखों रुपए का चूना लाया जा रहा है। जिले में हाल ही में बने दर्जनों सड़कों पर दरारें साफ नजर आ रही हंै। निर्माण कार्य में शासन द्वारा तय मापदंडों की अनदेखी करते हुए जिले में पक्की सड़कों का कार्य बदस्तूर जारी है। जिससे सड़कों की मजबूती पर सवाल खड़ा हो रहा है।
जिले में फिंगेश्वर ब्लॉक के छउईहा से चैतरा मोड़, परसदाकला से खुड़सा (टेंवारी), हाथीबुडा से रोहिना और रविनगर से कपसिडीही तक प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़कें बनाई गई हैं। जिसमें सारे नियम-कायदों को ताक पर रखकर गुणवत्ताहीन सड़कों का निर्माण किया गया है। सड़क निर्माण में न तो ग्रेडिंग किया गया है और न लेबल मिलाया गया है। जिससे नवनिर्मित सड़कें उबड़ -खाबड़ हैं और धसने लगी है। यही हाल छुरा ब्लॉक के रजनकटा से दिवना, आसरा से मोहतरा और मुरमुरा से जमाही तक की सड़कों का है। जहां सड़क निर्माण में ठेकेदारों द्वारा भारी लापरवाही बरती गई है।
जनता की मांगों को किया गया अनसुना
छुईहा से चैतरा मोड़ मार्ग ब्लॉक मुख्यालय फिंगेश्वर, राजिम व महासमुंद को जोडऩे का मुख्य मार्ग है। जहां हर रोज बड़ी संख्या में इस मार्ग पर लोगों की आवाजाही होती है। क्षेत्र की जनता को उम्मीद थी कि इस सड़क को नए सिरे से बनाया जाएगा और नालो में सममर्सिबल ब्रिज का निर्माण किया जाएगा। लेकिन विभाग द्वारा पुरानी टूटी-फूटी सड़क पर ही डामर का लेप चढ़ाकर जनता की उम्मीदों को गहरा झटका देकर निर्माण कार्य में लीपापोती कर दिया गया। बोड़की मोड़ पर स्थित नाले में पुल को छोड़ बाकी के जगह के नाले में ब्रिज का निर्माण नहीं किया गया। जिससे बरसात के दिनों में पुल के ऊपर पानी चढऩे पर लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

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