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बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ: बेटियों के उत्थान के लिए संस्थाओं की पहल, शिक्षा से लेकर विवाह तक की जिम्मेदारी

Beti Bachao Beti Padhao: बेटियों के उत्थान के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 जनवरी 2015 को बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा दिया था। हरियाणा के पानीपत में इसकी शुरुआत हुई थी। जिसके बाद देश में बेटियों के उत्थान के देश के लिए अलग-अलग राज्यों में कई अभियान भी चलाएं जा रहे हैं।

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बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ

Beti Bachao Beti Padhao: बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ.. बेटी है तो कल है.. ये नारा हमें एहसास दिलाता है कि परिवार में बेटी होने का महत्त्व कितना है। शहर में कुछ ऐसी संस्थाएं है जो समर्पित भाव से बेटियों के उत्थान के लिए सालों से कार्य कर रही है।

राजधानी के शुभारंभ फाउंडेशन(Shubharambh Foundation) बीते 9 साल से बेटियों और महिलाओं से जुड़ी समस्याओं का समाधान कर समाज का नजरिया बदलने की कोशिश कर रहा है। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान का 7 साल पूरा हो गया। फाउंडेशन के लक्ष्मीनारायण लाहोटी कहते हैं, हम बेटियों के अलावा महिलाओं के उत्थान के लिए भी कार्य करते हैं।

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महिलाओं से जुड़ी समस्याओं का समाधान
सद्भावना नारी शक्ति सम्मान(goodwill women power respect) 108 नामक संस्था की ओर से हर साल 8 मार्च को 108 महिलाओं का सम्मान करती है। बीते 10 सालों से यह संस्था चल रही है। इसके जरिए महिलाओं से जुड़ी समस्याओं का समाधान करते हैं।

प्रदेश में चल रही कई योजनाएं
बेटियों के उत्थान के लिए प्रदेश में भी कई योजनाएं और अभियान संचालित है। इनमें नवाबिहान, महिला जागृति शिविर, स्वावलंबन, सक्षम, ऋण, संस्कार अभियान, मुख्यमंत्री बाल संदर्भ, पोषण अभियान, मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान, महतारीजतन, एकीकृत बाल संरक्षण, छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री कन्या विवाह, पूरक पोषण आहार कार्यक्रम, महिला जागृति शिविर, महिला स्व-सहायता समूह गठन एवं सशक्तिकरण, किशोरी बालिकाओं के लिए योजना, समेकित बाल विकास सेवा, स्वैच्छिक संगठनों के लिए अनुदान है।

विवाह और शिक्षा के लिए मददगार
टाटीबंध समाज सेवा समिति(Tatibandh Social Service Committee) भी बेटियों की आर्थिक मदद से लेकर हर वक्त तैयार रहती है। सदस्य गुरजंट सिंह भामरा ने बताया कि संस्था बीते 10 सालों से बेटियों की शादी से लेकर उन्हें शिक्षा उपलब्ध कराने का काम कर रही है। हर रविवार को सभी सदस्य यह सेवा कार्य करती है।

पीएम ने की थी शुरुआत
बेटियों के उत्थान के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(Prime Minister Narendra Modi) ने 22 जनवरी 2015 को बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा दिया था। हरियाणा के पानीपत(Panipat) में इसकी शुरुआत हुई थी। जिसके बाद देश में बेटियों के उत्थान के देश के लिए अलग-अलग राज्यों में कई अभियान भी चलाएं जा रहे हैं। इस योजना के तहत शिशु लिंगानुपात में कमी को रोकने और महिलाओं के सशक्तीकरण से जुड़े मुद्दों का समाधान होता है।

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