
भूपेश का पहला विदेश दौरा रद्द, उद्योग मंत्री लखमा और मुख्य सचिव जायेंगे कनाडा
आवेश तिवारी@रायपुर. राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Chhattisgarh cheif minister) ने रविवार से प्रस्तावित अपना पहला विदेश दौरा रद्द कर दिया है ।राज्य में खेती किसानी के सीजन को देखते हुए सीएम (Bhupesh Baghel) ने यह निर्णय लिया है। हांलाकि उद्योग मंत्री कवासी लखमा (Kawasi Lakhma), मुख्य सचिव (chief secretary) सुनील कुजूर और कुछ अन्य अधिकारी पूर्ववत कार्यक्रम के तहत विदेश यात्रा पर जाएंगे ।
गौरतलब है कि सीएम भूपेश बघेल आठ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ आगामी 9 जून को कनाडा की एक सप्ताह की यात्रा पर जाने वाले थे ।प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार उन्हें कनाडा के चार शहरों का दौरा करना था। मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव गौरव द्विवेदी ने पत्रिका से बातचीत में कहा है कि मौजूदा परिस्थितियों में सीएम भूपेश बघेल ने राज्य में अपनी उपस्थिति को आवश्यक माना है ।
राज्य में बिजली ,खाद पर खुले हैं मोर्चे
लोकसभा चुनाव के बाद से ही मौजूदा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जहां धुआंधार दौरा कर रहे हैं वही अधिकारियों की ट्रांसफर पोस्टिंग और निलम्बन की कवायद भी शुरू हो गई । इधर बीच जहाँ बिजली के मोर्चे पर सरकार को बार बार विपक्ष और आम जनता के कोप का शिकार होना पड़ रहा है ।
वहीँ दूसरी तरफ पूरा सरकारी अमला खरीफ सीजन में किसानों को खाद्य और अन्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए युद्धस्तर पर जुटा हुआ है ।गुरूवार को की गई अफसरशाहों की नई पोस्टिंग और ट्रांसफर के बाद कुछ अन्य स्थानान्तरण भी एक दो दिनों में ही होने हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री (Bhupesh Baghel) द्वारा विदेश यात्रा को रद्द किया जाना स्वाभाविक दिख रहा है। गौरतलब है कि मई , जून के महीने में राज्य के अफसरशाहों और मंत्रियों के विदेश दौरे की चर्चा खूब होती रही है ।
आस्ट्रेलिया, चीन , जापान के दौरे में करोडो का खर्चा , नतीजा शून्य
पूर्व की सरकार में विदेश दौरों का नतीजा सिफर निकला है पिछले वर्ष पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह (Raman Singh) आस्ट्रेलिया गए थे मगर उसका कोई भी लाभ राज को नहीं मिला इससे पहले जापान के दौरे पर भाजपा सरकार (BJP Goverment) ने दो दर्जन कंपनियों के साथ छत्तीसगढ़ में आइटी, रक्षा उपकरण, ऊर्जा, आटोमोटिव, विद्युत मोटर्स, इलेक्ट्रानिक्स, स्मार्ट सिटी जैसे कई क्षेत्रों में निवेश पर चर्चा की थी। सुंग ह टेलीकॉम कंपनी के साथ छत्तीसगढ़ में 120 करोड़ का पूंजीनिवेश का करार हुआ।
वहीं, चीन यात्रा में आइटी, बीपीओ सहित अन्य सेक्टर के लिए 16 हजार करोड़ रुपये के एमओयू हुए थे। लेकिन किसी भी विदेश कंपनी ने प्रोजेक्ट शुरू नहीं किया है। केवल इतना ही नहीं 2012 में ग्लोबल इन्वेस्टर मीट आयोजित की गई इसमें कुल 272 एमओयू हुए 1 लाख 23 हजार 953 करोड़ के पूंजी निवेश की संभावना थी लेकिन केवल 649 करोड़ का ही स्थायी पूंजी निवेश हो सका ।
Published on:
08 Jun 2019 08:10 am
बड़ी खबरें
View Allरायपुर
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
