
cow special story
रायपुर. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (CM Bhupesh Baghel) गांधी जयंती पर 2 अक्टूबर को बेमेतरा जिला मुख्यालय के बेसिक स्कूल मैदान में होने वाले किसान सम्मेलन में गोबर से बिजली (Gobar se Bijli) उत्पादन की परियोजना का शुभारंभ करेंगे। वैज्ञानिकों के मुताबिक गोठान समिति 2.50 से 3 रुपए प्रति यूनिट की लागत से बिजली का उत्पादन करेंगी। उत्पादित बिजली की मार्केट वैल्यू 8 से 10 रुपए प्रति यूनिट होंगी।
गोबर से सस्ती बिजली के साथ ही जैविक खाद का भी उत्पादन होगा। इससे गोठान समितियों और महिला स्व-सहायता समूहों को दोहरा लाभ होगा। इसकी शुरुआत बेमेतरा जिले के आदर्श गोठान राखी, दुर्ग जिले के सिकोला गोठान और रायपुर जिले के बनचरौदा गोठान से होगी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री बेमेतरा जिले को 477 करोड़ रुपए के विकास एवं निर्माण कार्यों की सौगात देंगे।
ऐसे बनेगी बिजली
वैज्ञानिकों के मुताबिक गोबर से विद्युत उत्पादन के लिए गोठानों में बायोगैस प्लांट, स्क्रबर एवं जेनसेट स्थापित किए गए हैं। बायोगैस टैंक में गोबर एवं पानी डालकर बायोगैस तैयार की जाएगी, इससे 50 फीसदी मात्रा में मीथेन गैस उपलब्ध होगी, जिससे जेनसेट को चलाकर विद्युत उत्पन्न की जाएगी। 25 किलो गोबर एवं पानी के मिश्रण से तैयार होने वाली 1000 लीटर बायोगैस से 2 केवी बिजली उत्पन्न होती है। इसी तरह 250 किलो गोबर और पानी के मिश्रण से उत्पन्न मिथेन गैस से तैयार होने वाली 10 केवी विद्युत से 15 एलईडी बल्ब 8 से 10 घंटे तक जलाए जा सकेंगे।
दो तरह से होगी पहल
विद्युत उत्पादन के लिए दो तरह के सिस्टम तैयार किए गए हैं। जहां गोबर की आवक अधिक है, वहां के गोठानों में बायोगैस प्लांट लगाए जाने के साथ ही जेनसेट भी स्थापित किए जाएंगे। वहीं जिन गोठानों में गोबर की आवक कम है वह अतिरिक्त जेनसेट को परिवहन कर ले जाया जाएगा एवं इसकी मदद से विद्युत उत्पादन होगा।
51 लाख क्विंटल से अधिक की गोबर खरीदी
प्रदेश में स्वीकृत 10 हजार 112 गोठानों में से 6112 गोठान संचालित है। इन गोठानों में दो रुपए किलो की दर से गोबर की खरीदी होती है। अब तक 51 लाख क्विंटल से अधिक की गोबर खरीदी हो गई है। इसके एवज में ग्रामीणों व पशुपालकों को 102 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है।
Published on:
02 Oct 2021 09:59 am
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