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राशनकार्ड धारियों के लिए बड़ी खबर, अगर आपके पास कार्ड है तो जरूर पढ़े यह खबर

अब राशन दुकानों को खाद्य विभाग द्वारा सौंप कर वितरण रोकने को कहा है।

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जितेंद्र दहिया@रायपुर. जिले के डेढ़ लाख से ज्यादा राशन कार्डधारी दो-दो राशन कार्डो को एक आधार नंबर से लिंक कराकर राशन ले रहे थे। जिसकी सूची अब राशन दुकानों को खाद्य विभाग द्वारा सौंप कर वितरण रोकने को कहा है।

आंकड़ों के मुताबिक जिले में 1 लाख 282113 ऐसे बीपीएल राशन कार्डधारी हैं जो बीते कई महीनों से एक आधार नंबर से दो जगह राशन ले रहे हैं। तिल्दा और धरसींवा ब्लाक में ज्यादा गड़बड़ी मिली। एक आधार पर ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में बीपीएल हितग्राहियों द्वारा दो-दो उचित मूल्य दुकानों से हर महीने राशन उठाया जा रहा था। अब इसकी जिम्मेदारी न तो विभाग के अफसर लेने को तैयार है, न फर्जीवाड़ा करने वालों पर किसी तरह की कार्रवाई की बात की जा रही है। केवल सुधार कार्य विभाग द्वारा किया जा रहा है।

परिवार के एक सदस्य के आधार पर 7 किलो का चावल का वितरण किया जा है। इसी वर्ष फरवरी में शासन ने आदेश जारी कर बीपीएल राशन कार्डधारकों को बैंक अकाउंट के साथ आधार नंबर लिंक कराने के निर्देश दिए थे। शासन ने प्रत्येक हितग्राहियों द्वारा दिए गए आधार नंबर के सत्यापन का आदेश जारी किया था, लेकिन विभाग के अधिकारियों ने बचते हुए यह काम राशन दुकान संचालकों को टिका दिया था। शासन के आदेश के बाद जब सत्यापन किया गया तो जो जानकारी आई उसने विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा दिया। विभाग द्वारा सैकड़ो क्विंटल अनाज फर्जी हितग्राहियों को आवंटित किया जा रहा था।

जांच में खुलासा हुआ कि राशन कार्डधारकों में से 3 लाख 29 हजार 751 लोगों में से 2 लाख से ज्यादा लोगों ने बैंक अकाउंट से लिंक कराने आधार नंबर विभाग के पास जमा किया था। इनमें से 1 लाख 28 हजार 213 आधार नंबर सत्यापन में फर्जी मिले।

जीएस राठौर, जिला खाद्य नियंत्रक

आधार के कारण लगातार कई महीनों से गड़बड़ी हो रही थी। इस दोहरे वितरण के कारण कितना राशन का अतिरिक्त वितरण हो चुका है इसका हिसाब विभाग के अधिकारियों के पास नहीं है।

कुछ माह पहले ही विभाग के अधिकारियों ने जिले में 96 प्रतिशत आधार सीडिंग कराने का दवा करके खूब वाहवाही लूटी थी। बिना जांच के ही आधार लिंक करने का नतीजा यह हुआ कि अधिकारियों की लापरवाही से शासन को लाखों की चपत लग गई है।