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पूर्व सीएम के दामाद की अकादमिक योग्यता को लेकर हुआ चौका देने वाला खुलासा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह के दामाद पुनीत गुप्ता की आकादमिक योग्यता के बारे में चौंका देने वाला खुलासा हुआ है

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Punit gupta

पूर्व सीएम के दामाद की अकादमिक योग्यता को लेकर हुआ चौका देने वाला खुलासा

आवेश तिवारी@रायपुर. छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह के दामाद पुनीत गुप्ता की आकादमिक योग्यता के बारे में चौंका देने वाला खुलासा हुआ है। नेफ्रोलाजी में पीजी करने वाले डॉ. पुनीत गुप्ता ने नियम कायदों की धज्जियां उड़ाते हुए नेफ्रोलॉजी नहीं, बल्कि बॉयोटेक्निक में पीएचडी की थी और पिछले वर्ष सरगुजा विश्वविद्यालय में डॉक्टर आफ साइंस के लिए अप्लाई कर दिया।

भारी दबाव के बावजूद सरगुजा विश्वविद्यालय के कुलपति डॉक्टर रोहिणी कुमार ने डॉ. पुनीत गुप्ता के आवेदन को खारिज कर दिया। गौरतलब है कि सरगुजा विश्वविद्यालय ने अपने इतिहास में आज तक किसी को डॉक्टर आफ साइंस की डिग्री नहीं दी है। गौरतलग है कि रविशंकर और सरगुजा दोनों ही यूनिवर्सिटीज में मेडिकल की पढ़ाई नहीं होती।

बायो टेक्नोलाजी में डिग्री पर चार इन्क्रीमेंट
पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह के दामाद डॉ पुनीत गुप्ता ने पोस्ट ग्रेजुएशन नेफ्रोलॉजी में किया है, जबकि उन्होने पीएचडी की उपाधि बॉयोटेक्नोलॉजी में प्राप्त हुई है। खबर है कि इस पीएचडी की डिग्री के आधार पर उन्होने शासकीय सेवा में मिलने वाले लाभ भी लिए हैं। जानकार सुत्रों के मुताबिक पुनीत गुप्ता ने 3 अक्टूबर 2009 को रविशंकर शुक्ल विवि रायपर में पीएचडी के रजिस्ट्रेशन करवाया था, जबकि यूजीसी की गाइडलाइन के मुताबिक रजिस्ट्रेशन से 6 माह पहले कोर्स वर्क करना अनिवार्य होता है, लेकिन उन्होने नहीं किया था।

नियम कायदों को ताक पर रख दी पीएचडी
पत्रिका से बातचीत में कुलपति रोहिणी कुमार ने कहा कि हमारे यहां मेडिकल की पढ़ाई नहीं होती और वो सरगुजा के रहने वाले भी नहीं थे जो कि डीएससी के लिए आवश्यक शर्त है। जानकारी यह भी है कि रविशंकर से पीएचडी के लिए डॉ पुनीत गुप्ता ने आवश्यक छह माह का कोर्स वर्क किए बिना पंजीरयन करवा लिया था। पं रविशंकर विश्वविद्यालय रायपुर के बायो टेक्नोलॉजी विभाग के शोध केन्द्र में जरूरी 240 दिन की उपस्थिति के बिना ही उन्होने अपना शोध कार्य पूरा कर लिया, इस संबंध में उनके गाइड केएल तिवारी से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होने यह कहकर बात करने से इनकार कर दिया कि घर पर मृत्यू हो गई है। वहीं बायो टेक्नोलॉजी विभाग के एक अन्य प्रोफेसर शैलेष जाधव का कहना था कि उन्होने तिवारी सर के यहां उपस्थिति दिखाई होगी।

सरगुजा विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ रोहिणी कुमार ने बताया कि अगर कोई काम कानूनन नहीं है तो हमने नहीं किया है। शासन कुछ कामों के लिए कहता है कुछ हो पाते हैं कुछ नहीं।

पं रविशंकर शुक्ल के कुलपति केसरी लाल वर्मा ने बताया कि मेरे पास डिग्रीयों को लेकर शिकायत आई है, हम जांच करा रहे हैं।

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